Edited By Parveen Kumar,Updated: 23 May, 2025 12:37 AM

दूध हर घर की जरूरत है- बच्चे हों या बड़े, सबके लिए फायदेमंद होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो दूध आप रोज पी रहे हैं, वो कहीं नकली या मिलावटी तो नहीं? आज के समय में मुनाफे के चक्कर में कुछ लोग दूध में केमिकल और मिलावट करके उसे बेच रहे हैं,...
नेशनल डेस्क: दूध हर घर की जरूरत है- बच्चे हों या बड़े, सबके लिए फायदेमंद होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो दूध आप रोज पी रहे हैं, वो कहीं नकली या मिलावटी तो नहीं? आज के समय में मुनाफे के चक्कर में कुछ लोग दूध में केमिकल और मिलावट करके उसे बेच रहे हैं, जो आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
कैसी होती है दूध में मिलावट?
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फूड इंस्पेक्टर एस.के. झा बताते हैं कि कुछ लोग दूध में पानी, डिटर्जेंट, यूरिया, स्टार्च और सिंथेटिक केमिकल मिला देते हैं। इससे दूध की मात्रा तो बढ़ जाती है लेकिन उसके पोषण के तत्व खत्म हो जाते हैं और यह दूध सेहत को नुकसान पहुंचाता है।
कैसे पहचानें मिलावटी दूध?
गंध और स्वाद से जांचें : अगर दूध से अजीब गंध आ रही हो या उसका स्वाद कड़वा या साबुन जैसा लगे, तो यह डिटर्जेंट की मिलावट हो सकती है।
पानी की मिलावट ऐसे पकड़ें: एक कटोरी में दूध लेकर उसे साफ कांच या उंगली पर गिराएं। अगर दूध गाढ़ा होकर बहता है, तो शुद्ध है। अगर वह पानी जैसा फैल जाए, तो उसमें पानी मिलाया गया है।
यूरिया की जांच: थोड़ा सा दूध लेकर उसमें सोयाबीन या अरहर की दाल मिलाएं और कुछ मिनट छोड़ दें। अगर दूध का रंग हल्का गुलाबी या बैंगनी हो जाए, तो उसमें यूरिया मिला है।
स्टार्च की मिलावट जांचें: दूध में कुछ बूंदें आयोडीन की डालें। अगर दूध नीला रंग ले लेता है, तो उसमें स्टार्च मिलाया गया है। शुद्ध दूध का रंग नहीं बदलता।
डिटर्जेंट की पहचान: थोड़ा दूध लें और उसमें थोड़ी पानी मिलाकर हिलाएं। अगर झाग बनने लगे जैसे साबुन में बनता है, तो इसमें डिटर्जेंट मिलाया गया है।
मिलावटी दूध से क्या हो सकते हैं नुकसान?
- पेट में दर्द, उल्टी और दस्त
- बच्चों की हड्डियों में कमजोरी
- किडनी और लिवर पर असर
- प्रजनन क्षमता में कमी
- लंबे समय तक सेवन करने से कैंसर तक हो सकता है
कैसे करें बचाव?
- दूध खरीदते समय उसकी ब्रांडिंग और पैकेजिंग जरूर जांचें
- स्थानीय डेयरी या सीधे किसान से दूध लेना बेहतर होता है
- समय-समय पर घर पर ही दूध की जांच करते रहें
- बुजुर्गों और बच्चों के लिए दूध की शुद्धता की अतिरिक्त जांच करें