Edited By Rohini Oberoi,Updated: 07 Jan, 2026 02:37 PM

कड़ाके की ठंड के इस मौसम में अक्सर लोग छींकने, खांसी और हल्के बुखार को आम मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन अगर आपकी खांसी के साथ सीने में दर्द हो रहा है या सांस लेने में तकलीफ है तो यह निमोनिया (Pneumonia) का संकेत हो सकता है। एमडी...
Pneumonia Symptoms : कड़ाके की ठंड के इस मौसम में अक्सर लोग छींकने, खांसी और हल्के बुखार को आम मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन अगर आपकी खांसी के साथ सीने में दर्द हो रहा है या सांस लेने में तकलीफ है तो यह निमोनिया (Pneumonia) का संकेत हो सकता है। एमडी फिजिशियन डॉ. सीमा यादव के अनुसार निमोनिया का सही समय पर इलाज न होना इसे जानलेवा बना सकता है।
क्या है निमोनिया और यह शरीर को कैसे प्रभावित करता है?
निमोनिया मुख्य रूप से फेफड़ों (Lungs) में होने वाला एक गंभीर संक्रमण है। संक्रमण के कारण फेफड़ों के वायु थैलियों (Alveoli) में सूजन आ जाती है। गंभीर स्थिति में फेफड़ों में मवाद या पानी भर जाता है जिससे शरीर को ऑक्सीजन लेने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। जब फेफड़े सही से काम नहीं करते तो शरीर के अन्य अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती जिससे वे भी प्रभावित होने लगते हैं।

इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज
निमोनिया के लक्षण साधारण फ्लू से काफी मिलते-जुलते होते हैं लेकिन ये अधिक तीव्र होते हैं:
तेज बुखार और कंपकंपी: बहुत तेज बुखार के साथ शरीर का कांपना और ठंड लगना।
खांसी और कफ: लगातार खांसी आना और कफ के साथ कभी-कभी खून का आना।
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सांस की तकलीफ: सांस लेते समय सीने में तेज दर्द होना और दिल की धड़कन बढ़ जाना।
रंग में बदलाव: ऑक्सीजन की कमी के कारण होंठों या नाखूनों का नीला पड़ना।
अन्य लक्षण: अत्यधिक कमजोरी, भूख न लगना, उल्टी या दस्त (Loose Motion) और शरीर में पानी की कमी।

ठीक होने में कितना समय लगता है?
निमोनिया से उबरने का समय संक्रमण की गंभीरता और मरीज की उम्र पर निर्भर करता है। यदि इलाज समय पर शुरू हो जाए, तो 1 से 2 हफ्ते में सुधार दिखने लगता है। पूर्ण रूप से स्वस्थ होने में कभी-कभी 40 दिन या उससे अधिक का समय लग सकता है।

बचाव और घरेलू उपाय: खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
सर्दियों में निमोनिया से बचने के लिए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत रखना सबसे जरूरी है।ताजी सब्जियां खाएं और अधिक तला-भुना खाने से बचें। डॉक्टर ठंड से बचने के लिए दूध में हल्दी या अंडे की जर्दी मिलाकर पीने की सलाह देते हैं जिससे शरीर को अंदरूनी गर्माहट मिलती है। शरीर को गर्म कपड़ों से ढंककर रखें और अचानक तापमान बदलने (जैसे गर्म कमरे से तुरंत बर्फीली हवा में जाना) से बचें। यदि खांसी 3 दिन से ज्यादा रहे या सांस फूलने लगे तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।