Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Jun, 2025 08:57 AM

देश में कोरोना वायरस ने फिर से सक्रिय होने के संकेत दे दिए हैं, जिससे जनता में चिंता की लहर दौड़ गई है। 2019 के अंत और 2020 की शुरुआत में जब कोविड-19 ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था, तब लाखों लोग इसकी चपेट में आ गए थे। अब 2025 में कोरोना के नए...
नेशनल डेस्क: देश में कोरोना वायरस ने फिर से सक्रिय होने के संकेत दे दिए हैं, जिससे जनता में चिंता की लहर दौड़ गई है। 2019 के अंत और 2020 की शुरुआत में जब कोविड-19 ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था, तब लाखों लोग इसकी चपेट में आ गए थे। अब 2025 में कोरोना के नए मामले बढ़ने लगे हैं, और इसी बीच सोशल मीडिया पर एक रहस्यमयी नाम चर्चा में है — जापानी बाबा वेंगा तत्सुकी। उनकी 1999 में प्रकाशित किताब में कोरोना जैसी महामारी की भविष्यवाणी की गई थी, जिसने लोगों के बीच नए सिरे से डर और जिज्ञासा पैदा कर दी है।
कोरोना की वापसी: क्या सच में 2025 में होगा बड़ा खतरा?
जापानी बाबा वेंगा ने अपने भविष्यवाणियों में बताया था कि 2020 में एक अनजान वायरस आएगा, जो अप्रैल में चरम पर पहुंच जाएगा, और फिर दस साल बाद यानी 2030 के करीब और भी खतरनाक रूप में लौटेगा। कोरोना का फिर से उभरना उनकी इस भविष्यवाणी से मेल खाता दिख रहा है। हालांकि इस बार संक्रमण पहले जितना घातक नहीं माना जा रहा है, लेकिन भारत समेत कई देशों में नए मामलों में अचानक वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया है।
विज्ञान और भविष्यवाणी के बीच विवाद
वर्तमान में सरकार और वैज्ञानिक कोविड के नए वेरिएंट्स, टीकाकरण और सुरक्षा उपायों पर लगातार काम कर रहे हैं ताकि संक्रमण को नियंत्रित किया जा सके। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर जापानी बाबा वेंगा की भविष्यवाणी चर्चा में है। ‘#2030CovidPrediction’ जैसे हैशटैग वायरल हो रहे हैं, और इंटरनेट पर लोग इसके संभावित सच होने पर बहस कर रहे हैं।
आंकड़ों की बात करें तो...
वर्ल्डोमीटर के मुताबिक अप्रैल 2024 तक कोरोना के कुल 70 करोड़ से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से 70 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना अब पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि इसके नए स्वरूपों से सतर्क रहना आवश्यक है।
सरकार ने जनता से अपील की है कि वे सावधानियां बरतें, मास्क पहनें, टीकाकरण पूरा करें और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। साथ ही, यह भी जरूरी है कि अफवाहों से बचें और केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी लें।