Edited By Sahil Kumar,Updated: 04 Jan, 2026 07:53 PM

कैंसर दुनियाभर में मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है। भारत में सबसे अधिक फेफड़ों, मुंह, पेट, स्तन, सर्वाइकल और कोलोरेक्टल कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2018 में कैंसर के कारण लगभग 9.6 मिलियन मौतें...
नेशनल डेस्कः कैंसर दुनियाभर में मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है। भारत में सबसे अधिक फेफड़ों, मुंह, पेट, स्तन, सर्वाइकल और कोलोरेक्टल कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2018 में कैंसर के कारण लगभग 9.6 मिलियन मौतें हुईं, यानी हर 6 मौतों में से 1 मौत कैंसर के कारण हुई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2050 तक नए कैंसर के मामलों की संख्या 35 मिलियन तक पहुंच सकती है, जो 2022 के 20 मिलियन मामलों की तुलना में 77% की वृद्धि दर्शाता है।
कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर की कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं और आसपास के स्वस्थ ऊतकों को प्रभावित कर सकती हैं। खराब खान-पान, असंतुलित जीवनशैली और पर्यावरणीय कारणों से इसके मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
कैंसर के शुरुआती लक्षणों पर रखें ध्यान
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती संकेतों की पहचान जल्दी होने पर इलाज की सफलता की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, कई लक्षण सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से मिलते-जुलते होने के कारण पहचान चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
मल डिस्चार्ज में बदलाव: लंबे समय तक डायरिया, कब्ज या मल डिस्चार्ज में कठिनाई, रेक्टल ब्लीडिंग या पेट में दर्द को नज़रअंदाज न करें। यह कोलोरेक्टल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है।
लगातार थकान: पर्याप्त नींद के बावजूद अत्यधिक थकान महसूस होना, खासकर अन्य लक्षणों के साथ, गंभीर चेतावनी संकेत हो सकता है।
बिना वजह वजन कम होना: अचानक 10% या उससे अधिक वजन घटने पर सावधानी बरतें। यह पेट, लीवर, इसोफैगस या पैनक्रियास कैंसर का संकेत हो सकता है।
पेट में दर्द: लगातार पेट दर्द, सूजन या असहजता, जो सामान्य उपायों से ठीक न हो।
लगातार खांसी या आवाज में बदलाव: आठ सप्ताह से अधिक समय तक बनी रहने वाली खांसी फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकती है।
असामान्य तिल या स्किन में बदलाव: नई या बदलती तिलें, घाव जो भरते नहीं, त्वचा कैंसर का संकेत हो सकते हैं।
डॉक्टर से कब मिलें?
सभी लक्षण कैंसर की ओर संकेत नहीं करते। कई बार ये सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं। लेकिन अगर लक्षण असामान्य, लगातार या बढ़ रहे हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती पहचान जीवन रक्षक साबित हो सकती है।