Edited By Mansa Devi,Updated: 23 Mar, 2026 10:44 AM

हरियाणा के गुरुग्राम में आज यानी 23 मार्च को ऐप बेस्ड कैब ड्राइवरों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल की वजह से शहर में यात्रा करने वाले लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नेशनल डेस्क: हरियाणा के गुरुग्राम में आज यानी 23 मार्च को ऐप बेस्ड कैब ड्राइवरों ने हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल की वजह से शहर में यात्रा करने वाले लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ड्राइवरों का कहना है कि उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं, जिन्हें अब तक ठीक से संबोधित नहीं किया गया है।
क्यों कर रहे हैं हड़ताल?
कैब ड्राइवरों की मुख्य मांग है कि जैसे ड्राइवरों के लिए सख्त केवाईसी (KYC) नियम लागू होते हैं, उसी तरह यात्रियों के लिए भी पहचान सत्यापन अनिवार्य किया जाए। उनका कहना है कि बिना वेरिफिकेशन वाले पैसेंजर्स के कारण उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। ड्राइवरों के मुताबिक, कई बार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जहां यात्रियों ने ही ड्राइवरों पर हमला किया। ऐसे मामलों में ड्राइवरों को न तो तुरंत मदद मिलती है और न ही शिकायत दर्ज कराने की स्पष्ट व्यवस्था होती है।
पहले भी हो चुकी हैं गंभीर घटनाएं
ड्राइवरों ने एक हालिया घटना का भी जिक्र किया, जिसमें जनवरी महीने में एक 25 साल के कैब ड्राइवर की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि कुछ लोगों ने सेक्टर 37 से कैब बुक की और फिर सफर के दौरान ड्राइवर की गला घोंटकर हत्या कर दी। इस घटना ने कैब ड्राइवरों के बीच डर और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है।
SOS फीचर पर भी उठे सवाल
ड्राइवरों का यह भी कहना है कि कैब ऐप्स में दिया गया इमरजेंसी SOS फीचर कई बार सही समय पर काम नहीं करता। उन्होंने ऐसे उदाहरण भी दिए हैं जहां खतरे की स्थिति में मदद देर से पहुंची या बिल्कुल नहीं पहुंची।
ड्राइवरों की मांग क्या है?
- यात्रियों के लिए अनिवार्य KYC वेरिफिकेशन
- सुरक्षा से जुड़े मामलों में तुरंत सहायता की व्यवस्था
- शिकायत दर्ज कराने का स्पष्ट और आसान सिस्टम
- ऐप कंपनियों की ओर से सुरक्षा फीचर्स को मजबूत करना
यात्रियों के लिए सलाह
आज हड़ताल के चलते कैब सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, इसलिए अगर आप गुरुग्राम में यात्रा करने वाले हैं तो पहले से वैकल्पिक व्यवस्था कर लें। कुल मिलाकर, यह हड़ताल सिर्फ मांगों को लेकर नहीं बल्कि कैब ड्राइवरों की सुरक्षा से जुड़े एक बड़े मुद्दे को उजागर करती है, जिस पर अब ध्यान देना जरूरी हो गया है।