Edited By Radhika,Updated: 07 Jan, 2026 01:22 PM

साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। इस साल कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिनमें से दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। हालांकि, भारत के नजरिए से सबसे महत्वपूर्ण साल का पहला चंद्र ग्रहण है, क्योंकि यही एकमात्र ग्रहण होगा जो भारतीय...
Chandra Grahan 2026: साल 2026 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। इस साल कुल चार ग्रहण लगेंगे, जिनमें से दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण होंगे। हालांकि, भारत के नजरिए से सबसे महत्वपूर्ण साल का पहला चंद्र ग्रहण है, क्योंकि यही एकमात्र ग्रहण होगा जो भारतीय आसमान में दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण पर दिखेगा ब्लड मून
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026, मंगलवार को लगने जा रहा है। यह दिन और भी खास है क्योंकि इसी दिन होलिका दहन यानी छोटी होली का त्योहार मनाया जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगने वाला यह ग्रहण एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में 'ब्लड मून' के रूप में देखा जाएगा।

ग्रहण का समय और भारत में दृश्यता
यह ग्रहण भारत में दिखेगा इसलिए इसका सूतक काल भी प्रभावी होगा। ग्रहण की कुल अवधि दोपहर से शुरू होकर रात तक चलेगी:
- ग्रहण की शुरुआत (उपच्छाया): दोपहर 02:16 बजे
- प्रच्छाया में प्रवेश: दोपहर 03:21 बजे
- भारत में स्पष्ट नजारा: शाम 06:26 बजे से 06:46 बजे के बीच (पूर्वोत्तर भारत में पूर्ण, बाकी हिस्सों में आंशिक)
- ग्रहण का समापन: शाम 07:52 बजे

सूतक काल की टाइमिंग
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है।
- सामान्य सूतक: 3 मार्च की सुबह 09:39 बजे से शाम 06:46 बजे तक।
- बच्चों, वृद्धों और बीमारों के लिए: दोपहर 03:28 बजे से शाम 06:46 बजे तक।