Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Jan, 2026 05:52 PM
न जिम की भारी फीस, न सख्त डाइट चार्ट और न ही पर्सनल ट्रेनर की जरूरत… फिर भी सिर्फ 3 महीनों में 27 किलो वजन कम करना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता। लेकिन यह कहानी किसी सेलिब्रिटी या फिटनेस इंफ्लुएंसर की नहीं, बल्कि एक टेक प्रोफेशनल की है, जिसने...
नेशनल डेस्क: न जिम की भारी फीस, न सख्त डाइट चार्ट और न ही पर्सनल ट्रेनर की जरूरत… फिर भी सिर्फ 3 महीनों में 27 किलो वजन कम करना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता। लेकिन यह कहानी किसी सेलिब्रिटी या फिटनेस इंफ्लुएंसर की नहीं, बल्कि एक टेक प्रोफेशनल की है, जिसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपना फिटनेस पार्टनर बना लिया।
इस टेक प्रोफेशनल ने ChatGPT को पर्सनल फिटनेस गाइड की तरह इस्तेमाल किया और सही प्रॉम्प्ट्स, रोज़ाना के डिसिप्लिन और लगातार ट्रैकिंग के जरिए खुद को पूरी तरह ट्रांसफॉर्म कर लिया। उन्होंने न सिर्फ अपना वजन घटाया, बल्कि यह भी बताया कि किन 7 AI प्रॉम्प्ट्स ने उन्हें सही दिशा दिखाई और कैसे टेक्नोलॉजी ने उनकी वेट लॉस जर्नी को आसान बना दिया।
X (पहले ट्विटर) पर हसन नाम के एक टेक प्रोफेशनल ने अपनी वेट लॉस जर्नी शेयर की। उन्होंने बताया कि इस दौरान न तो उन्होंने जिम जॉइन किया, न किसी पेड फिटनेस ऐप का इस्तेमाल किया और न ही कोई बहुत सख्त डाइट अपनाई। उनका कहना है कि उन्होंने रोज़ाना के अनुशासन और कुछ खास AI प्रॉम्प्ट्स पर भरोसा किया, जिसने उन्हें सही दिशा में बनाए रखा।
हालांकि हसन ने यह भी साफ किया कि ChatGPT या किसी भी AI टूल पर पूरी तरह निर्भर रहना सही नहीं है। अगर कोई व्यक्ति इसकी मदद से डाइट या वर्कआउट प्लान बनाता है, तो उसे पहले किसी सर्टिफाइड ट्रेनर, न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
पहला कदम: शरीर की स्थिति और लक्ष्य को समझना
हसन ने सबसे पहले अपने शरीर की मौजूदा स्थिति को समझने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने ChatGPT से ऐसा प्रॉम्प्ट दिया, जिसमें उन्होंने अपना वजन, लंबाई, उम्र, जेंडर और लक्ष्य (फैट कम करना और लीन मसल्स बढ़ाना) बताया। उन्होंने AI से एक पर्सनल ट्रेनर और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की तरह काम करने को कहा और बिना जिम के काम करने वाला 12 हफ्तों का एक रियलिस्टिक फिटनेस व न्यूट्रिशन प्लान तैयार कराया।
दूसरा कदम: हफ्ते का कस्टमाइज्ड मील प्लान
इसके बाद उन्होंने अपने खाने को व्यवस्थित किया। हसन ने रोज़ाना लगभग 1800 कैलोरी, 120 ग्राम से ज्यादा प्रोटीन, कम प्रोसेस्ड कार्ब्स और सस्ते, आसानी से बनने वाले भोजन के आधार पर 7 दिन का मील प्लान बनवाया। इसमें मैक्रोज और ग्रॉसरी लिस्ट भी शामिल थी, साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे किन चीजों का सेवन नहीं करते।
तीसरा कदम: घर पर आसान वर्कआउट
जिम में घंटों समय बिताने के बजाय हसन ने घर पर वर्कआउट करना चुना। उन्होंने AI से ऐसा 4-दिवसीय वीकली वर्कआउट प्लान बनवाया, जिसे बिना किसी इक्विपमेंट के घर पर किया जा सके। इस प्लान में वजन घटाने, बॉडीवेट स्ट्रेंथ और मोबिलिटी पर फोकस था। हर सेशन 25 से 35 मिनट का रखा गया और 12 हफ्तों में धीरे-धीरे उसकी कठिनाई बढ़ती गई।
चौथा कदम: क्रेविंग और इमोशनल ईटिंग पर कंट्रोल
मीठा खाने की इच्छा और भावनात्मक कारणों से ज्यादा खाने की आदत पर काबू पाने के लिए हसन ने एक और प्रॉम्प्ट का सहारा लिया। उन्होंने 200 कैलोरी से कम वाले, ज्यादा मात्रा में खाने योग्य 10 स्नैक्स की लिस्ट बनवाई, जो शुगर क्रेविंग को कम करने में मदद करते हैं और जरूरत पड़ने पर दोबारा खाए जा सकते हैं।
पांचवां कदम: रोज़ाना ट्रैकिंग
कंसिस्टेंसी बनाए रखने के लिए हसन ने अपनी रोज़मर्रा की आदतों को ट्रैक करना शुरू किया। उन्होंने ChatGPT से एक फिटनेस कोच की तरह रोज़ 5 चेक-इन सवाल पूछने को कहा, जैसे—क्या मील प्लान फॉलो किया, एक्सरसाइज की या कितनी नींद ली। इससे वे अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार बने रहे और चीट करने से बचे।
छठा कदम: माइंडसेट और मोटिवेशन
हसन ने रोज़ सुबह एक छोटी डायरी लिखने की आदत भी डाली। इसके लिए उन्होंने 5 मिनट से कम समय में भरी जाने वाली एक मॉर्निंग जर्नल स्क्रिप्ट बनवाई, जिसमें उनके लक्ष्य, दिन का एक जरूरी काम, आभार व्यक्त करने की बातें और फिटनेस से जुड़े पॉजिटिव कोट्स शामिल थे। इससे उनका माइंडसेट मजबूत बना रहा और रोज़ मोटिवेशन मिलता रहा।
सातवां कदम: साप्ताहिक रिव्यू
आखिर में, उन्होंने हर रविवार अपने प्रोग्रेस का रिव्यू करना शुरू किया। वे वजन, कमर की माप और कंसिस्टेंसी को 1 से 10 के स्केल पर आंकते थे। इसके आधार पर AI से अगले 7 दिनों के लिए वर्कआउट या डाइट में जरूरी सुधार के सुझाव लेते थे।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य है। किसी भी तरह की डाइट, एक्सरसाइज या जीवनशैली में बदलाव करने से पहले डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।