Edited By Radhika,Updated: 18 Jan, 2026 10:39 AM

उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा की पवित्रता और अनुशासन को सुनिश्चित करने के लिए इस साल एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के भीतर मोबाइल फोन का प्रवेश वर्जित होगा। हाल के वर्षों...
नेशनल डेस्क: उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा की पवित्रता और अनुशासन को सुनिश्चित करने के लिए इस साल एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के भीतर मोबाइल फोन का प्रवेश वर्जित होगा। हाल के वर्षों में रील और ब्लॉग बनाने को लेकर बढ़ते विवादों और श्रद्धालुओं की एकाग्रता में पड़ने वाले खलल को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
मंदिर की मर्यादा पहली प्राथमिकता
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। आयुक्त ने बताया कि बदरीनाथ में 'सिंहद्वार' से आगे मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित रहेगा, जबकि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मंदिर परिसरों में भी फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं के फोन सुरक्षित रखने के लिए मंदिर समिति और प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की जाएगी।
पंजीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं पर अपडेट
यात्रा के लिए पंजीकरण की पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी, जिसमें 60% ऑफलाइन और 40% ऑनलाइन कोटा निर्धारित है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों की 15-15 दिन की रोटेशन ड्यूटी और एयर एंबुलेंस की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, सभी संबंधित विभागों को 31 मार्च तक सड़कों की मरम्मत का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रिकॉर्ड श्रद्धालुओं की उम्मीद
छले साल 50 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए थे। इस वर्ष भी भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन "सुगम और सुरक्षित यात्रा" के लक्ष्य पर काम कर रहा है।