Edited By Anu Malhotra,Updated: 19 Feb, 2026 11:24 AM

कमोडिटी बाजार के उन धुरंधरों के लिए आज का दिन बड़ी खुशियां लेकर आया है, जो सोना और चांदी में दांव लगाते हैं। देश के प्रमुख एक्सचेंजों—MCX और NSE—ने कीमती धातुओं पर लगा 'extra margin' का बोझ पूरी तरह हटा दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब सोना-चांदी...
नई दिल्ली: कमोडिटी बाजार के उन धुरंधरों के लिए आज का दिन बड़ी खुशियां लेकर आया है, जो सोना और चांदी में दांव लगाते हैं। देश के प्रमुख एक्सचेंजों—MCX और NSE—ने कीमती धातुओं पर लगा 'extra margin' का बोझ पूरी तरह हटा दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब सोना-चांदी की ट्रेडिंग करना न केवल सस्ता होगा, बल्कि कम पूंजी में भी बड़ा ट्रेड संभव हो सकेगा। 19 फरवरी से लागू हुए इस फैसले ने बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है।
क्यों लगा था 'अतिरिक्त पहरा' और अब क्यों हटी पाबंदियां?
फरवरी की शुरुआत में जब सोने और चांदी की कीमतों में बेतहाशा उतार-चढ़ाव देखा गया था, तब बाजार को किसी भी बड़े जोखिम से बचाने के लिए एक्सचेंजों ने 'extra margin' का कवच पहनाया था। उस वक्त सोने पर 3% और चांदी पर 7% का अतिरिक्त मार्जिन वसूला जा रहा था ताकि वोलैटिलिटी को काबू में रखा जा सके। लेकिन हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कीमतों में आई स्थिरता को देखते हुए, एक्सचेंजों ने इसे वापस लेने का फैसला किया है। अब जब कीमतें एक दायरे में कारोबार कर रही हैं, तो नियम नियामक (Regulatory) रूप से फिर पुराने ढर्रे पर लौट आए हैं।
निवेशकों की जेब पर कैसे पड़ेगा इसका असर?
इस कदम से सबसे बड़ी राहत उन छोटे और मध्यम ट्रेडर्स को मिली है, जिनकी पूंजी एक्स्ट्रा मार्जिन के चक्कर में ब्लॉक हो जाती थी। अब ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन बनाए रखने के लिए कम कैश की जरूरत होगी, जिससे बाजार में लिक्विडिटी यानी नकदी का प्रवाह बढ़ेगा। जानकारों का मानना है कि लागत घटने से ट्रेडिंग वॉल्यूम में तगड़ा उछाल आएगा और बाजार में सक्रियता बढ़ेगी। फिलहाल वैश्विक स्तर पर सोना $4961 और चांदी $76 के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं, ऐसे में घटती ट्रेडिंग कॉस्ट भारतीय निवेशकों के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है।