Edited By Mansa Devi,Updated: 06 Jun, 2025 05:50 PM

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद पी. संदोश कुमार ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर विपक्ष शासित राज्यों में राज्यपालों के पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया। केरल के राजभवन में हुए एक कार्यक्रम में ‘भारत माता' की तस्वीर का...
नेशनल डेस्क: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद पी. संदोश कुमार ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर विपक्ष शासित राज्यों में राज्यपालों के पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया। केरल के राजभवन में हुए एक कार्यक्रम में ‘भारत माता' की तस्वीर का इस्तेमाल किए जाने की हालिया घटना का उल्लेख करते हुए कुमार ने “विपक्ष शासित राज्यों में राज्यपाल के अधिकारों के निरंतर दुरुपयोग” पर गंभीर चिंता व्यक्त की। राज्य के एक मंत्री ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। कुमार ने कहा कि हाल ही में केरल के राजभवन में पर्यावरण दिवस समारोह के दौरान राज्यपाल के आचरण में इसकी झलक देखने को मिली, जहां राज्य सरकार से परामर्श किए बिना “भारत माता की तस्वीर का एक विशेष संस्करण” प्रदर्शित किया गया। कुमार ने कहा, “निर्वाचित सरकार से परामर्श किए बिना, भारत माता की तस्वीर का एक विशेष संस्करण मनमाने ढंग से थोपे जाने के कारण कृषि मंत्री पी. प्रसाद को कार्यक्रम का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा।” भाकपा नेता ने कहा कि यह कोई एकमात्र प्रकरण नहीं है।
उन्होंने कहा, “हम एक पैटर्न देख रहे हैं जहां केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में राज्यपाल बार-बार राजनीतिक एजेंट के रूप में कार्य करते हैं, राजभवन को आरएसएस की वैचारिक चौकियों में बदल देते हैं, संवैधानिक मानदंडों, संघीय सिद्धांतों और लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकारों के जनादेश की अवहेलना करते हैं।” भाकपा नेता ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वह "इस प्रवृत्ति पर गंभीरता से ध्यान दें तथा यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाएं कि राज्यपाल अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग न करें।” कार्यक्रम का बहिष्कार करने वाले केरल के कृषि मंत्री पी प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार भारत माता का सम्मान करती है, लेकिन राजभवन में आधिकारिक समारोह के लिए आरएसएस की शाखाओं से जुड़ी तस्वीर का इस्तेमाल करना "असंवैधानिक" है। राजभवन द्वारा जारी एक बयान में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कहा, “चाहे किसी भी तरफ से कितना भी दबाव क्यों न हो, भारत माता पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।”