Edited By Parveen Kumar,Updated: 16 Jan, 2026 11:32 PM

सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक जवाबदेही बनाए रखने को लेकर दिल्ली विधानसभा में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ज़रूरत पड़ने पर विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया जा सकता है। मीडिया से बातचीत में...
नेशनल डेस्क: सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक जवाबदेही बनाए रखने को लेकर दिल्ली विधानसभा में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ज़रूरत पड़ने पर विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया जा सकता है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इससे जुड़े सभी अहम फैसले सदन के भीतर ही लिए जाने चाहिए।
धार्मिक संदर्भों से जुड़ा मामला, जांच पर ज़ोर
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह मामला महान सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी से जुड़े संदर्भों से संबंधित है, जिनका सर्वोच्च बलिदान धर्म की रक्षा और साहस का शाश्वत प्रतीक माना जाता है। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने पंजाब फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के डायरेक्टर को औपचारिक नोटिस जारी किया है। उनसे कहा गया है कि वे 22 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट के आधार सहित विस्तृत जवाब दें।
दिल्ली विधानसभा द्वारा पंजाब के FSL विभाग को नोटिस जारी किया जा रहा है।
रिपोर्ट किस आधार पर तैयार की गई, इस संबंध में विभाग से विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया है। FSL को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए 22 जनवरी तक का समय दिया जा रहा है। pic.twitter.com/gGWrAuOL8N
— Vijender Gupta (@Gupta_vijender) January 16, 2026
वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस, जवाब के लिए समय बढ़ा
तथ्यों की पूरी तरह जांच सुनिश्चित करने के लिए स्पीकर ने संबंधित अधिकारियों को भी नोटिस जारी किए हैं। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) और जालंधर के पुलिस कमिश्नर को व्यक्तिगत कारणों और VVIP दौरे के चलते जवाब देने के लिए 22 जनवरी 2026 तक का अतिरिक्त समय दिया गया है।
स्पेशल DGP (साइबर क्राइम) की भूमिका पर सवाल
इस बीच पंजाब के स्पेशल DGP (साइबर क्राइम) ने लिखित जवाब में कहा है कि इस मामले की जांच में उनके विंग की कोई भूमिका नहीं है। स्पीकर के अनुसार इस जवाब की समीक्षा की जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी को स्थिति स्पष्ट करने के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा जा सकता है। मामले को लेकर विधानसभा की प्रिविलेज कमिटी ने भी अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आतिशी के खिलाफ प्रिविलेज उल्लंघन का नोटिस
विपक्ष की नेता आतिशी को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने और प्रिविलेज के कथित उल्लंघन के मामले में नोटिस जारी किया गया है। उनसे 19 जनवरी 2026 तक लिखित जवाब मांगा गया है। स्पीकर ने बताया कि 6 जनवरी को सदन में हुए हंगामे के कारण विधायी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ था। इसके बाद 7 जनवरी को सदन की कार्यवाही की ट्रांसक्रिप्ट को ज्यों का त्यों पढ़कर सुनाया गया।
स्पीकर की सख्त चेतावनी
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता के मुताबिक आतिशी को अपना पक्ष रखने या खेद व्यक्त करने के कई अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। इससे माहौल और बिगड़ा और अंततः सदन को स्थगित करना पड़ा। उन्होंने चिंता जताई कि यह मामला संवैधानिक और कानूनी मर्यादा की जड़ को छूता है। स्पीकर ने दोहराया कि सदन की जांच में बाधा डालने या उसके अधिकारों को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।