Edited By Radhika,Updated: 09 Jan, 2026 02:01 PM

दिल्ली के तुर्कमान गेट पर हुई हिंसा के बाद पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। इस मामले में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे बवाल के पीछे गहराई से पड़ताल...
नेशनल डेस्क: दिल्ली के तुर्कमान गेट पर हुई हिंसा के बाद पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। दिल्ली की एक अदालत ने तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई पथराव की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किये गए पांच लोगों को बृहस्पतिवार को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इन पांचों आरोपियों - मोहम्मद आरिब, काशिफ, अदनान, मोहम्मद कैफ और समीर - को न्यायिक मजिस्ट्रेट पूजा सुहाग के समक्ष पेश किया गया था। अदालत ने पांचों आरोपियों को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अब तक कुल 11 गिरफ्तारियां
सभी पांचों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए शुक्रवार का दिन निर्धारित किया गया है। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को चांदनी महल पुलिस थाने में पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने संबंधी अधिनियम, 1984 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में अब तक कुल 11 गिरफ्तारियां की गई हैं, जिनमें एक नाबालिग की हिरासत भी शामिल है। बृहस्पतिवार को तुर्कमान गेट इलाके के निवासी छह और लोगों - अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबैद - को गिरफ्तार किया गया।
घटनास्थल पर मौजूद थे ये नेता
इस हिंसक मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नादवी घटनास्थल पर मौजूद थे। दोनों पर भीड़ को उकासने का आरोप भी है। इस संबंध में अब तक 11आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक बड़ी साजिश की जांच जारी है। हिंसा भड़काने वाले सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया गया था कि तुर्कमान गेट के सामने स्थित मस्जिद को अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान ध्वस्त किया जा रहा है, जिसके बाद लोग वहां जुटने लगे। पुलिस सूत्रों ने दावा किया कि 150 से 200 लोगों ने पुलिसकर्मियों और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के कर्मचारियों पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकीं। एमसीडी के उपायुक्त विवेक कुमार ने बताया था कि अभियान के दौरान लगभग 36,000 वर्ग फुट अतिक्रमित क्षेत्र को खाली कराया गया।