Depression symptoms: सिर्फ मूड स्विंग नहीं है डिप्रेशन... 2 हफ्ते से ज्यादा दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान- AIIMS डाॅक्टर से जानें कैसे करें बचाव

Edited By Updated: 10 Oct, 2026 02:42 PM

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अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक उदास रहता है, तो अक्सर लोग इसे सिर्फ आम तनाव या सुस्ती मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह डिप्रेशन यानी अवसाद जैसी गंभीर मानसिक समस्या का संकेत हो सकता है? एम्स (AIIMS) के मनोरोग विभाग के विशेषज्ञ...

नई दिल्ली: अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक उदास रहता है, तो अक्सर लोग इसे सिर्फ आम तनाव या सुस्ती मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह डिप्रेशन यानी अवसाद जैसी गंभीर मानसिक समस्या का संकेत हो सकता है? एम्स (AIIMS) के मनोरोग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर राजेश सागर के अनुसार, डिप्रेशन सिर्फ मूड खराब होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के सोचने, महसूस करने, खाने-सोने और दैनिक जीवन की ऊर्जा को पूरी तरह प्रभावित करता है। इसे समय पर पहचानना और सही इलाज लेना बेहद जरूरी है। आईए जानते है इसके बारे में....

डिप्रेशन क्या है?
डिप्रेशन एक मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी प्राब्लम है। इस दौरान इंसान लंबे समय तक उदासी, निराशा या खालीपन के अहसास से घिरा रहता है। जिन एक्टिविट्स में पहले बहुत आनंद आता था, उनमें भी इंटरेस्ट खत्म होने लगती है। इसका असर व्यक्ति के मूड के साथ-साथ उसकी शारीरिक सेहत, नींद, भूख और आपसी रिश्तों पर भी गहरा प्रभाव डालता है।

डिप्रेशन के मुख्य लक्षण
यदि किसी व्यक्ति में नीचे दिए गए लक्षण लगातार 2 हफ्तों से ज्यादा समय तक दिखाई दें, तो इसे सामान्य तनाव समझने की भूल न करें:

लगातार उदासी: मन का हमेशा भारी या उदास रहना।
रुचि में कमी: किसी भी काम या पसंदीदा चीज़ों में मन न लगना (एनाहेडोनिया)।
ऊर्जा की कमी: हर समय अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना।
खानपान और नींद में बदलाव: नींद न आना या बहुत ज्यादा सोना, और भूख का अचानक कम या ज्यादा हो जाना।
दोषी मानना : बात-बात पर खुद को दोषी मानना या गिल्ट महसूस करना।
फोकस करने में परेशानी: किसी भी काम में फोकस न कर पाना।

डिप्रेशन के लक्षण दिखने पर क्या करें? 
 विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपको अपने या अपने किसी करीबी के स्वभाव में ऐसे बदलाव दिखें, तो तुरंत इन बातों का ध्यान रखें:
-अपने किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य से खुलकर अपने इमोशंस शेयर करें। भावनाओं को दबाएं नहीं।
-यदि आपका कोई करीबी परेशान है, तो बिना जज किए उसकी बात को ध्यान से सुनें और उसे पेशेवर मदद लेने के लिए प्रेरित करें।
-किसी भी तरह की मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से शुरू या बंद न करें। ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे किसी भी तरह के पेशेवर चिकित्सा निदान, परामर्श या इलाज का विकल्प न समझें।

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