Edited By Tanuja,Updated: 08 Oct, 2026 01:50 PM

भारत घूमने आई एक कनाडाई महिला का वीडियो वायरल है, जिसमें उन्होंने विदेशी ट्रैवल ब्लॉगर्स से पुरानी दिल्ली जैसे इलाकों को दिखाकर पूरे भारत की छवि तय नहीं करने की अपील की। उन्होंने दिल्ली, ऋषिकेश, भारत की आतिथ्य व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं की तारीफ की...
New Delhi: भारत की यात्रा पर आई एक कनाडाई महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। महिला ने उन विदेशी ट्रैवल ब्लॉगर्स और इन्फ्लुएंसर्स के कंटेंट पर सवाल उठाया, जो भारत की यात्रा के दौरान मुख्य रूप से भीड़भाड़, गंदगी और गरीबी वाले इलाकों को दिखाकर पूरे देश की तस्वीर पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी दिल्ली की किसी एक गली को दिखाकर 140 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले पूरे भारत को नहीं आंका जा सकता। महिला ने भारत के आधुनिक शहरों, बुनियादी ढांचे, पर्यटन स्थलों और आतिथ्य की तारीफ करते हुए विदेशी कंटेंट क्रिएटर्स से देश को अधिक संतुलित तरीके से दिखाने की अपील की।
‘एक गली को पूरे देश का चेहरा मत बनाओ’
वायरल वीडियो में कनाडाई महिला ने कहा कि भारत बेहद विशाल और विविधता वाला देश है। उनके मुताबिक, कई पश्चिमी कंटेंट क्रिएटर भारत पहुंचने के बाद सबसे पहले भीड़भाड़ वाली गलियों और पुराने इलाकों का वीडियो बनाते हैं और फिर उसी आधार पर पूरे देश के बारे में राय पेश करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी देश के सिर्फ एक हिस्से को देखकर उसकी पूरी तस्वीर पेश करना उचित है। उनका कहना था कि भारत में आधुनिक शहरों से लेकर ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक बहुत कुछ है, जिसे विदेशी दर्शकों के सामने दिखाया जाना चाहिए।
दिल्ली और ऋषिकेश का किया जिक्र
महिला ने अपने भारत दौरे के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने दिल्ली और ऋषिकेश की यात्रा की। दिल्ली में वह शांगरी-ला जैसे एक लग्जरी होटल में ठहरी थीं। उनके मुताबिक, होटल में एक रात का खर्च करीब 160 कनाडाई डॉलर था। उन्होंने भारत की आतिथ्य व्यवस्था और होटल सेवाओं की भी प्रशंसा की। उनका कहना था कि भारत में पर्यटकों को मिलने वाली मेहमाननवाजी और सुविधाओं को भी विदेशी यात्रा सामग्री में जगह मिलनी चाहिए।
‘वियतनाम और थाईलैंड के साथ ऐसा क्यों नहीं?’
कनाडाई महिला ने विदेशी यात्रा कंटेंट में कथित दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब पश्चिमी यात्री वियतनाम, थाईलैंड या यूरोप के देशों की यात्रा करते हैं तो क्या वे वहां की सबसे खराब जगहों को चुनकर पूरे देश की तस्वीर पेश करते हैं? उन्होंने कहा कि भारत के बारे में सनसनीखेज शीर्षक और नकारात्मक दृश्यों के जरिए ज्यादा दर्शक जुटाने की प्रवृत्ति पर सवाल उठना चाहिए। उनके मुताबिक, इस तरह के कंटेंट से विदेशों में रहने वाले भारतीयों के प्रति गलत धारणाएं और पूर्वाग्रह भी बढ़ सकते हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई भारतीय उपयोगकर्ताओं ने महिला के विचारों की सराहना की और कहा कि भारत की यात्रा के दौरान सकारात्मक और आधुनिक पहलुओं को भी दिखाया जाना चाहिए। हालांकि, किसी भी देश की यात्रा सामग्री में केवल सकारात्मक या केवल नकारात्मक पहलुओं के बजाय वास्तविक परिस्थितियों की संतुलित तस्वीर दिखाना अधिक महत्वपूर्ण है। भारत में गरीबी, भीड़ और अव्यवस्था जैसी वास्तविक चुनौतियां भी हैं, लेकिन किसी एक इलाके या अनुभव को पूरे देश का प्रतिनिधि मानना भी उचित नहीं माना जा सकता।