सिर्फ महिलाओं को ही नहीं, पुरुषों को भी झेलना पड़ता है 'मेनोपॉज', 40 के बाद बदलने लगते हैं Males Hormones

Edited By Updated: 01 Jan, 2026 01:03 PM

do men also experience menopause find out

हमारे समाज में अक्सर महिलाओं के स्वास्थ्य और उनके शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों (जैसे मेनोपॉज) पर खुलकर चर्चा होती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुरुषों के शरीर में भी एक उम्र के बाद ठीक वैसा ही बदलाव आता है? इसे विज्ञान की भाषा में...

Male Menopause : हमारे समाज में अक्सर महिलाओं के स्वास्थ्य और उनके शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों (जैसे मेनोपॉज) पर खुलकर चर्चा होती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुरुषों के शरीर में भी एक उम्र के बाद ठीक वैसा ही बदलाव आता है? इसे विज्ञान की भाषा में 'एंड्रोपॉज' (Andropause) या 'मेल मेनोपॉज' कहा जाता है। अक्सर पुरुष अपनी इन समस्याओं को छिपाते हैं या उन्हें उम्र का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। प्रसिद्ध स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद त्रिपाठी के अनुसार 40 से 60 वर्ष की आयु के बीच पुरुषों के शरीर में तीन प्रमुख हार्मोन्स के असंतुलन से एंड्रोपॉज की स्थिति पैदा होती है।

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क्या है एंड्रोपॉज (Andropause)?

एंड्रोपॉज एक बहुत ही धीमी और क्रमिक प्रक्रिया है। महिलाओं में मेनोपॉज अचानक होता है और पीरियड्स बंद हो जाते हैं लेकिन पुरुषों में यह बदलाव इतना धीमा होता है कि उन्हें सालों तक इसका पता ही नहीं चलता।

इस दौरान शरीर में तीन हार्मोन्स का खेल बिगड़ जाता है:

  1. इन्सुलिन (Insulin): इसका स्तर बढ़ने लगता है।

  2. टेस्टोस्टेरोन (Testosterone): पुरुषों का मुख्य सेक्स हार्मोन कम होने लगता है।

  3. कोर्टिसोल (Cortisol): स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है।

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डॉक्टरों के अनुसार हार्मोन्स का सही स्तर:

  • इन्सुलिन: 2.6 से 6 ug/dl

  • टेस्टोस्टेरोन: 550 से 800 ng/dl

  • कोर्टिसोल: 10 से 15 ug/dl

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एंड्रोपॉज के लक्षण: कहीं आप भी तो शिकार नहीं?

एंड्रोपॉज के लक्षण केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक भी होते हैं। यदि आपकी उम्र 40 के पार है तो इन संकेतों पर गौर करें:

  • अत्यधिक थकान: भरपूर आराम के बाद भी शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना।

  • चिड़चिड़ापन: छोटी-छोटी बातों पर बिना कारण गुस्सा आना या मूड स्विंग्स होना।

  • नींद की समस्या: रात में बार-बार नींद टूटना या गहरी नींद न आना।

  • शारीरिक बदलाव: अचानक वजन बढ़ना (खासकर पेट के पास) और बालों का तेजी से सफेद होना।

  • बीमारियां: अचानक डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की चपेट में आना।

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क्यों होता है मेल मेनोपॉज?

उम्र बढ़ने के अलावा हमारी जीवनशैली एंड्रोपॉज को जल्दी ट्रिगर करती है:

  • तनाव और नींद की कमी: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी कोर्टिसोल को बढ़ा देती है।

  • बीमारियां: मोटापा, थायराइड और हाई बीपी इस प्रक्रिया को तेज कर देते हैं।

  • बुरी आदतें: शराब, धूम्रपान और शारीरिक व्यायाम (Exercise) की कमी।

बचाव और समाधान

एंड्रोपॉज को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता लेकिन इसे सही जीवनशैली से नियंत्रित किया जा सकता है। संतुलित आहार, नियमित योग, 7-8 घंटे की नींद और समय-समय पर हार्मोनल चेकअप कराने से आप 50 की उम्र के बाद भी फिट रह सकते हैं। पुरुषों को अपनी सेहत और मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने की जरूरत है।

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