क्या आप जानते हैं फ्लाइट के टिकट के साथ बीमा भी मिलता है? हादसा होने पर इतना मिलता है मुआवजा

Edited By Updated: 10 Jan, 2026 06:19 PM

does your flight ticket come with accident coverage know the compensation rules

भारत में फ्लाइट से यात्रा करने वाले अधिकांश यात्री यह नहीं जानते कि कई एयरलाइंस अपने टिकट के साथ बेसिक एक्सीडेंट इंश्योरेंस देती हैं। यह इंश्योरेंस हवाई हादसे में मौत, स्थायी दिव्यांगता या गंभीर चोट के लिए आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। इंटरनेशनल...

नेशनल डेस्क : हवाई यात्रा आज के समय में आम हो चुकी है। हर दिन देश-दुनिया में लाखों लोग काम, छुट्टियों या विदेश यात्रा के लिए फ्लाइट से सफर करते हैं। विमान से सफर तेज और सुविधाजनक जरूर है, लेकिन इसमें जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता। तकनीकी खराबी, मौसम की मार या मानवीय चूक के कारण कभी-कभी बड़े हादसे हो जाते हैं। 12 जून 2025 को हुए दर्दनाक विमान हादसे ने एक बार फिर लोगों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि ऐसे मामलों में यात्रियों और उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा कैसे मिलती है।

क्या फ्लाइट टिकट के साथ मिलता है बीमा?

बहुत कम लोग जानते हैं कि ज्यादातर एयरलाइंस अपने यात्रियों के लिए एक बेसिक एक्सीडेंट इंश्योरेंस पहले से लेती हैं। यह बीमा टिकट का हिस्सा होता है और इसके लिए यात्रियों को अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं होती। अगर उड़ान के दौरान कोई गंभीर हादसा हो जाए, तो इस बीमा के तहत यात्री की मृत्यु, स्थायी विकलांगता या गंभीर चोट की स्थिति में मुआवजा दिया जाता है।

इसके अलावा, कई एयरलाइंस और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म टिकट बुकिंग के समय अतिरिक्त ट्रैवल या पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस का विकल्प भी देते हैं। थोड़े से प्रीमियम में ज्यादा कवरेज लिया जा सकता है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में परिवार को अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलती है।

यह भी पढ़ें - SBI बैंक अपने पुराने ग्राहकों को दे रहा है 2 लाख रुपये, जानें क्यों

फ्लाइट एक्सीडेंट इंश्योरेंस कैसे काम करता है?

अगर किसी हादसे में यात्री की जान चली जाती है या वह गंभीर रूप से घायल हो जाता है, तो बीमा क्लेम की प्रक्रिया आमतौर पर उसके परिवार या नॉमिनी द्वारा शुरू की जाती है। इसके लिए टिकट की कॉपी, पहचान पत्र, डेथ सर्टिफिकेट या मेडिकल रिपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। जांच पूरी होने के बाद तय नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट में मुआवजे का क्या नियम है?

अगर हादसा किसी इंटरनेशनल फ्लाइट में होता है, तो मुआवजा Montreal Convention 1999 के तहत तय किया जाता है। भारत इस अंतरराष्ट्रीय समझौते का हिस्सा है, इसलिए भारत से उड़ने या भारत आने वाली अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स पर यही नियम लागू होते हैं। इस कन्वेंशन के मुताबिक, हर यात्री के लिए लगभग 1.28 लाख स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) तक का मुआवजा तय है, जो भारतीय रुपये में करीब 1.4 करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। खास बात यह है कि इस सीमा तक मुआवजा पाने के लिए एयरलाइन की गलती साबित करना जरूरी नहीं होता। हालांकि, अगर यह साबित हो जाए कि दुर्घटना एयरलाइन की लापरवाही से हुई है, तो तय सीमा से ज्यादा मुआवजा मिलने का भी रास्ता खुल जाता है।

घरेलू उड़ानों में मुआवजे की व्यवस्था

मॉन्ट्रियल कन्वेंशन घरेलू फ्लाइट्स पर सीधे लागू नहीं होता, लेकिन भारत में DGCA के नियमों के तहत यात्रियों की सुरक्षा और मुआवजे की व्यवस्था की गई है। ज्यादातर भारतीय एयरलाइंस घरेलू उड़ानों में भी एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर देती हैं। मुआवजे की राशि एयरलाइन और उसकी बीमा पॉलिसी पर निर्भर करती है, जो आमतौर पर 20 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक हो सकती है। अगर यात्री ने टिकट बुक करते समय अलग से ट्रैवल इंश्योरेंस लिया हो, तो बेसिक कवर के अलावा अतिरिक्त मुआवजा भी मिल सकता है।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

हवाई यात्रा के दौरान हादसे दुर्लभ जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह असंभव नहीं। इसलिए फ्लाइट टिकट बुक करते समय बीमा से जुड़ी जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। थोड़ी सी सावधानी और सही इंश्योरेंस भविष्य में परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।


 

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!