Edited By Parveen Kumar,Updated: 04 Jun, 2025 09:03 PM

मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को कहा कि भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति मजबूत रहने से बैंक अपने कर्ज की गुणवत्ता को अच्छे स्तर पर बनाए रख सकेंगे। अगले एक साल में बैंकों के कुल खराब कर्ज (एनपीएल) की दर 2 से 3 प्रतिशत के बीच बनी रहेगी।
नेशनल डेस्क: मूडीज रेटिंग्स ने मंगलवार को कहा कि भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति मजबूत रहने से बैंक अपने कर्ज की गुणवत्ता को अच्छे स्तर पर बनाए रख सकेंगे। अगले एक साल में बैंकों के कुल खराब कर्ज (एनपीएल) की दर 2 से 3 प्रतिशत के बीच बनी रहेगी।
मूडीज की रिपोर्ट में कहा गया है कि भले ही दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी हो, भारत के घरेलू हालात अभी भी विकास के लिए मददगार हैं। सरकार के खर्च, मध्यम वर्ग के लिए टैक्स में कटौती और सस्ते कर्ज से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। साथ ही, भारत का विदेशों पर कम निर्भर रहना भी जोखिम को कम करता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बड़े कंपनियों के कर्ज की स्थिति ठीक रहेगी क्योंकि उनकी कमाई अच्छी है और कर्ज का दबाव कम है। लेकिन छोटे निजी बैंकों के कर्ज की स्थिति कुछ हद तक कमजोर हो सकती है, खासकर असुरक्षित खुदरा कर्जों में।