Edited By Radhika,Updated: 10 Jan, 2026 02:17 PM

दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण के बाद अब भारत के लिए अच्छी खबर आई है। ट्रंप प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर संकेत दिया है कि वे भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल (Crude Oil) फिर से खरीदने की अनुमति देने के लिए तैयार...
इंटरनेशनल डेस्क: दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण के बाद अब भारत के लिए अच्छी खबर आई है। ट्रंप प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर संकेत दिया है कि वे भारत को वेनेजुएला से कच्चा तेल (Crude Oil) फिर से खरीदने की अनुमति देने के लिए तैयार हैं। हालांकि, यह व्यापार पूरी तरह से अमेरिका द्वारा निर्धारित सख्त नियमों और 'वॉशिंगटन-कंट्रोल' फ्रेमवर्क के तहत होगा।
सख्त नियमों के तहत खुलेगा रास्ता
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस्टोफर राइट के अनुसार अमेरिका वेनेजुएला के तेल को वैश्विक बाजार में बेचने की अनुमति दे रहा है, लेकिन इसकी Marketing और Revenue पर वॉशिंगटन का कड़ा नियंत्रण रहेगा। तेल की बिक्री से होने वाला पैसा अमेरिका द्वारा नियंत्रित खातों में जमा किया जाएगा, ताकि इसका उपयोग केवल वेनेजुएला की जनता के कल्याण के लिए हो सके।

भारत के लिए क्यों है यह जरूरी?
अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले भारत, वेनेजुएला के सबसे बड़े ग्राहकों में से एक था। भारत की आधुनिक रिफाइनरियां वेनेजुएला के 'भारी कच्चे तेल' (Heavy Crude) को प्रोसेस करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन की गई हैं। इस व्यापार के फिर से शुरू होने से:
- ऊर्जा विविधता: भारत को रूस और मध्य-पूर्व के अलावा एक विश्वसनीय विकल्प मिलेगा।
- बढ़ती मांग: भारत की तेजी से बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
ट्रंप का 'आर्थिक अवसर' विजन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद हुए नए समझौतों को अमेरिका और वेनेजुएला दोनों के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर बताया है। ट्रंप प्रशासन की योजना वर्तमान में भंडारण (Storage) में मौजूद 30 से 50 मिलियन बैरल तेल को तुरंत बाजार में उतारने की है। ट्रंप ने कहा, "हम वह वापस ले रहे हैं जो हमसे छीन लिया गया था।"