Edited By Radhika,Updated: 05 Jan, 2026 12:39 PM

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को भारत के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'भारत' अब इलेक्ट्रॉनिक्स के पूरे इकोसिस्टम डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, ऑपरेटिंग...
नेशनल डेस्क: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को भारत के भविष्य को लेकर एक बड़ा विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'भारत' अब इलेक्ट्रॉनिक्स के पूरे इकोसिस्टम डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लिकेशन, सामग्री और उपकरणों में एक प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी बनने की ओर अग्रसर है।
Apple ने रचा इतिहास
मंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जानकारी दी कि 'मेक इन इंडिया' अभियान के तहत भारत अब एक 'उत्पादक अर्थव्यवस्था' (Producer Economy) बन चुका है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि साल 2025 में एप्पल (Apple) ने भारत से 50 अरब डॉलर मूल्य के मोबाइल फोन शिप किए हैं।
निर्यात में 8 गुना की भारी बढ़ोतरी
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में 6 गुना की वृद्धि हुई है, जबकि निर्यात में 8 गुना का भारी उछाल आया है। आज इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद भारत के शीर्ष तीन निर्यातित (Exported) उत्पादों में शामिल हो चुके हैं।

रोजगार और सेमीकंडक्टर मिशन
मंत्री ने कहा कि यह तो बस शुरुआत है। इस क्षेत्र में अब तक 25 लाख लोगों को रोजगार मिल चुका है। कुछ फैक्ट्रियां तो ऐसी हैं जहां एक ही स्थान पर 40,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस साल चार सेमीकंडक्टर प्लांट अपना व्यावसायिक उत्पादन (Commercial Production) शुरू कर देंगे।
इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स पर सरकार का फोकस
सरकार ने 'इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' (ECMS) के तीसरे चरण के तहत 22 नए प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही स्वीकृत परियोजनाओं की कुल संख्या 46 हो गई है, जिसमें 54,500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश शामिल है। इन परियोजनाओं से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन होने और हजारों नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।