Edited By Mansa Devi,Updated: 23 Jan, 2026 02:13 PM

ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल फोन का खो जाना या चोरी हो जाना आज के समय में किसी बड़े झटके से कम नहीं है। मोबाइल अब सिर्फ कॉल करने का साधन नहीं रहा, बल्कि इसमें बैंकिंग ऐप्स, UPI, जरूरी दस्तावेज, ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट और निजी तस्वीरें तक सुरक्षित...
नेशनल डेस्क: ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल फोन का खो जाना या चोरी हो जाना आज के समय में किसी बड़े झटके से कम नहीं है। मोबाइल अब सिर्फ कॉल करने का साधन नहीं रहा, बल्कि इसमें बैंकिंग ऐप्स, UPI, जरूरी दस्तावेज, ईमेल, सोशल मीडिया अकाउंट और निजी तस्वीरें तक सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में फोन गुम होते ही सबसे बड़ी चिंता डेटा चोरी और पैसों के फ्रॉड की होती है। राहत की बात यह है कि सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए एक आसान और असरदार डिजिटल समाधान उपलब्ध कराया है।
ट्रेन में मोबाइल चोरी की बढ़ती घटनाएं
भीड़भाड़, लंबी यात्राएं और थोड़ी सी असावधानी के कारण ट्रेन में मोबाइल फोन खोने या चोरी होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कई बार यात्रियों को तब एहसास होता है, जब फोन पूरी तरह गायब हो चुका होता है। इसके बाद फोन वापस मिलने से ज्यादा चिंता इस बात की होती है कि कहीं उसका गलत इस्तेमाल न हो जाए।
फोन गुम होते ही सबसे बड़ा खतरा क्या होता है
आजकल मोबाइल फोन में बैंकिंग ऐप्स, UPI, ईमेल, सोशल मीडिया और कई तरह का निजी डेटा मौजूद होता है। अगर फोन गलत हाथों में चला जाए, तो फ्रॉड, डेटा लीक और पहचान की चोरी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए विशेषज्ञ मानते हैं कि फोन मिलने का इंतजार करने से पहले उसे तुरंत बेकार करना ज्यादा जरूरी होता है।
क्या है Sanchar Saathi सेवा
Sanchar Saathi भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की एक आधिकारिक डिजिटल सेवा है। इसे खास तौर पर मोबाइल यूजर्स की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इस प्लेटफॉर्म की मदद से यूजर अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों की जानकारी देख सकता है और खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को उसके IMEI नंबर के जरिए ब्लॉक कर सकता है।
फोन खो जाए तो सबसे पहले क्या करें
अगर ट्रेन यात्रा के दौरान आपका मोबाइल खो जाए या चोरी हो जाए, तो सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं है। शांत दिमाग से अपने फोन का IMEI नंबर निकालें। यह नंबर मोबाइल के बॉक्स, खरीद के बिल या Google अकाउंट में आसानी से मिल जाता है। इसके बाद तुरंत Sanchar Saathi ऐप या वेबसाइट पर जाकर फोन खोने की शिकायत दर्ज करें।
IMEI ब्लॉक करना क्यों है जरूरी
IMEI नंबर हर मोबाइल फोन की एक अलग पहचान होती है। जैसे ही IMEI को ब्लॉक किया जाता है, वह फोन किसी भी सिम कार्ड या नेटवर्क पर काम करना बंद कर देता है। इससे चोर फोन का इस्तेमाल नहीं कर पाता और कॉल, इंटरनेट, बैंकिंग या UPI ऐप्स पूरी तरह बंद हो जाते हैं। इस तरह आपका डेटा और पैसा सुरक्षित रहता है।
Sanchar Saathi से IMEI ब्लॉक करने का तरीका
सबसे पहले Google Play Store से Sanchar Saathi ऐप डाउनलोड करें या इसकी आधिकारिक वेबसाइट खोलें। वहां खोया या चोरी हुआ मोबाइल ब्लॉक करने का विकल्प मिलेगा। इसमें नाम, मोबाइल नंबर, IMEI नंबर और घटना से जुड़ी जानकारी भरनी होती है। अगर FIR या GD नंबर उपलब्ध है, तो उसे भी अपलोड किया जा सकता है। जानकारी सबमिट करते ही IMEI ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
फोन ब्लॉक होने के बाद क्या होता है
IMEI ब्लॉक होने के बाद मोबाइल किसी भी नए या पुराने सिम के साथ काम नहीं करता। इस स्थिति में फोन चोर के लिए पूरी तरह बेकार हो जाता है। अगर भविष्य में फोन वापस मिल जाता है, तो उसी प्लेटफॉर्म के जरिए IMEI को दोबारा अनब्लॉक भी कराया जा सकता है।
क्या पुलिस में शिकायत जरूरी है
शुरुआती स्तर पर IMEI ब्लॉक कराने के लिए हर बार FIR जरूरी नहीं होती, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पुलिस में शिकायत दर्ज कराना बेहतर माना जाता है। इससे मामला आधिकारिक रिकॉर्ड में आ जाता है और फोन मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
फोन वापस मिल जाए तो क्या करें
अगर आपका खोया हुआ मोबाइल बाद में मिल जाता है, तो Sanchar Saathi ऐप पर जाकर IMEI को आसानी से अनब्लॉक किया जा सकता है। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है और ज्यादा समय भी नहीं लेती। कुल मिलाकर, ट्रेन में मोबाइल खोना जरूर परेशानी भरा अनुभव है, लेकिन अब इसका समाधान पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। Sanchar Saathi की मदद से कुछ ही मिनटों में फोन को ब्लॉक कर आप खुद को डेटा चोरी और बैंकिंग फ्रॉड से सुरक्षित रख सकते हैं।