Edited By Rohini Oberoi,Updated: 19 Jan, 2026 12:27 PM

उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार को कुदरत का डर देखने को मिला। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में 5.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि इनका असर पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर की घाटियों तक महसूस किया गया।...
Earthquake: उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार को कुदरत का डर देखने को मिला। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में 5.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि इनका असर पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर की घाटियों तक महसूस किया गया। फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है लेकिन प्रशासन अलर्ट पर है।
भूकंप का समय और केंद्र
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार भूकंप शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर के समय आया। रिक्टर स्केल पर 5.7 मापी गई। भूकंप का केंद्र लद्दाख के लेह क्षेत्र में जमीन के अंदर गहराई में स्थित था। लेह के अलावा कारगिल और जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, गांदरबल और बारामूला जैसे इलाकों में भी लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
यह भी पढ़ें: कंगाल नहीं, मालामाल है ये भिखारी! शौक नवाबों वाले, भीख मांगकर बना करोड़पति, 3 आलीशान मकान और घूमने के लिए...
घरों से बाहर निकले लोग, दहशत का माहौल
जब भूकंप के झटके महसूस किए गए तो बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
-
श्रीनगर का हाल: घाटी में करीब 4-5 सेकंड तक झटके महसूस हुए। स्थानीय निवासियों के अनुसार पंखे और खिड़कियां हिलने लगी थीं।
-
प्रशासनिक सतर्कता: लद्दाख और कश्मीर प्रशासन ने तुरंत सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) के खतरे को देखते हुए बीआरओ (BRO) और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने को कहा गया है।
क्यों संवेदनशील है यह क्षेत्र?
हिमालयी क्षेत्र वैज्ञानिक दृष्टिकोण से 'सीस्मिक ज़ोन 4 और 5' (Seismic Zone IV & V) के अंतर्गत आता है। इसका मतलब है कि यह क्षेत्र भूकंप के लिहाज से दुनिया के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक है। टेक्टोनिक प्लेटों में होने वाली हलचल के कारण लद्दाख और कश्मीर में अक्सर हल्के और मध्यम तीव्रता के झटके आते रहते हैं।