Edited By Sahil Kumar,Updated: 25 Jan, 2026 06:36 PM

सरकार ने सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए ट्रैफिक नियमों को सख्त कर दिया है। नए मोटर व्हीकल नियमों के अनुसार, यदि कोई ड्राइवर एक साल में पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो उसका लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। लाइसेंस सस्पेंड करने से पहले...
नेशनल डेस्कः सरकार ने सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए ट्रैफिक नियमों को और सख्त कर दिया है। नए मोटर व्हीकल नियमों के अनुसार, अगर कोई ड्राइवर एक साल में पांच या उससे अधिक बार नियम तोड़ता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है। यह नियम 1 जनवरी 2026 से लागू हो चुका है और इसका मकसद बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई करना है। सरकार का मकसद बार-बार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों पर नियंत्रण रखना और सड़क हादसों को कम करना है।
नए नियम की खास बातें:
- एक साल की अवधि में अगर किसी ड्राइवर के खिलाफ पांच या उससे अधिक ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज होते हैं, तो उसे ड्राइविंग लाइसेंस रखने के लिए अयोग्य माना जा सकता है।
- लाइसेंस सस्पेंड करने से पहले ड्राइवर को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। यानी RTO या DTO सीधे लाइसेंस सस्पेंड नहीं करेंगे।
- केवल उसी साल के उल्लंघनों को गिना जाएगा, पुराने सालों के रिकॉर्ड इसमें शामिल नहीं होंगे।
कौन से उल्लंघन गिने जाएंगे
सरकार ने 24 प्रकार के ट्रैफिक अपराधों को नोटिफाइड किया है। इनमें छोटे-मोटे नियमों का उल्लंघन जैसे हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, या सिग्नल तोड़ना भी शामिल है। इनमें से किसी भी पांच उल्लंघन एक साल के भीतर दर्ज होने पर लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है।
लाइसेंस सस्पेंड करने का अधिकार
ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने का अधिकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के पास होगा। यह कार्रवाई अब सिर्फ फिजिकल चालान के आधार पर ही नहीं, बल्कि e-challan के आधार पर भी की जा सकती है।