Aadhaar Card New Rules: आधार कार्ड धारकों के लिए नया नियम, अब जन्म प्रमाण पत्र को माता-पिता के आधार से जोड़ना होगा अनिवार्य

Edited By Updated: 05 Mar, 2026 04:03 PM

new rule for aadhaar card holders now it will be mandatory to link the birth

देशभर में आधार कार्ड से जुड़े नए नियम लागू करने की तैयारी चल रही है। इस दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र को माता-पिता या मृतक के आधार कार्ड से जोड़ने का निर्णय लिया गया है।

नेशनल डेस्क: देशभर में आधार कार्ड से जुड़े नए नियम लागू करने की तैयारी चल रही है। इस दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र को माता-पिता या मृतक के आधार कार्ड से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। अगर यह नियम उत्तर प्रदेश में सफल रहता है, तो इसे पूरे देश में लागू किए जाने की संभावना है।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में बदलाव का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों में होने वाली गड़बड़ियों और फर्जीवाड़ों पर लगाम लगाना है। इसके तहत अब प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन करते समय माता-पिता का आधार नंबर देना अनिवार्य होगा। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र में मृतक का आधार कार्ड नंबर भी लिंक किया जाएगा। इससे प्रमाण पत्र की विश्वसनीयता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े के मौके कम होंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए संबंधित विभागों को जल्द ही निर्देश जारी करने की तैयारी की है। इस कदम से सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी सुविधा होगी, क्योंकि प्रमाण पत्रों का रैपिड वेरिफिकेशन संभव होगा। इसके अलावा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को CRS पोर्टल से लिंक करने का प्रस्ताव भी सरकार ने रखा है। डेटा तैयार करने में जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम 2023 की धारा-4 का आधार लिया जाएगा।

लंबित मामलों का समाधान और पारदर्शिता
मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पिछले एक साल से लंबित मामलों को लेकर भी निर्णय लिया गया। इसके तहत CRS पोर्टल और वाद पोर्टल को लिंक किया जाएगा, ताकि लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने में कोई समस्या न आए। आधार कार्ड से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को जोड़ने से गड़बड़ियों पर काबू पाया जा सकेगा और सरकारी व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

उत्तर प्रदेश में पिछले समय में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों के फर्जी होने के कई मामले सामने आए हैं। इन मामलों को रोकने के लिए अब सरकारी अस्पतालों से मां के डिस्चार्ज होने से पहले नवजात का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। वहीं निजी अस्पतालों को बच्चे के जन्म की सूचना ऑनलाइन सरकार को देने का निर्देश होगा।

नियमों का पालन और प्रक्रिया
इस नए नियम के अनुसार, प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदक या संबंधित व्यक्ति को आधार नंबर देना अनिवार्य होगा। जन्म प्रमाण पत्र के लिए माता-पिता का आधार नंबर और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए मृतक का आधार नंबर दर्ज किया जाएगा। इसके लिए अस्पतालों और पंचायती राज संस्थाओं के लिए भी नियम बनाए जाएंगे। प्रमाण पत्र केवल तब जारी होगा जब सभी सूचनाओं का सत्यापन हो चुका हो।

सरकार का उद्देश्य है कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाली संस्थाओं तक जरूरी सूचनाएं तुरंत पहुंचें और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो। इस कदम से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी, बल्कि आम लोगों के लिए प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया भी आसान और तेज़ होगी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!