Edited By Rohini Oberoi,Updated: 05 Feb, 2026 03:12 PM

कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन के काले कारनामों से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करना अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) को भारी पड़ गया है। पारदर्शिता लाने की कोशिश में प्रशासन से एक ऐसी जानलेवा लापरवाही हो गई जिसने 100 से ज्यादा पीड़ित महिलाओं (Survivors) के जीवन...
Jeffrey Epstein Files Leak 2026 : कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन के काले कारनामों से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करना अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) को भारी पड़ गया है। पारदर्शिता लाने की कोशिश में प्रशासन से एक ऐसी जानलेवा लापरवाही हो गई जिसने 100 से ज्यादा पीड़ित महिलाओं (Survivors) के जीवन को खतरे में डाल दिया है। गलत एडिटिंग (Redaction) की वजह से इन महिलाओं के नाम, फोन नंबर और निजी तस्वीरें इंटरनेट पर लीक हो गई हैं जिसके बाद पीड़ितों ने रोते हुए गुहार लगाई है— "प्लीज! हमारी पहचान उजागर मत करो।"
क्या है ये बड़ी लापरवाही का मामला?
2 और 3 फरवरी 2026 को अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन केस से जुड़े हजारों पन्नों के दस्तावेज ऑनलाइन जारी किए। नियम के मुताबिक सार्वजनिक करने से पहले पीड़ितों की पहचान छुपाने के लिए उनके नाम और जानकारी पर 'काली पट्टी' (Redact) लगाई जानी थी। वकीलों का आरोप है कि रेडैक्शन का काम बेहद घटिया तरीके से किया गया। खराब एडिटिंग की वजह से महिलाओं के असली नाम, मेडिकल रिकॉर्ड, घर के पते और बेहद निजी फोटो साफ-साफ दिखाई दे रहे थे।
वकीलों का एक्शन: यह आपातकाल है!
लॉ फर्म एडवर्ड्स हेंडरसन लेहमैन की पार्टनर और प्रमुख अटॉर्नी ब्रिटनी हेंडरसन ने न्यूयॉर्क के संघीय न्यायाधीशों के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। वकीलों ने कहा कि यह केवल निजता का उल्लंघन नहीं है बल्कि उन महिलाओं को दोबारा उसी पुराने दर्द और सदमे (Trauma) में धकेलने जैसा है। पीड़ितों के समूह ने एक साझा बयान में कहा— "हमने न्याय की उम्मीद की थी, लेकिन बदले में हमें डर मिला।" उन्हें डर है कि पहचान उजागर होने के बाद अब समाज में उनका जीना मुश्किल हो जाएगा।
पारदर्शिता बनाम सुरक्षा की जंग
इस घटना ने अमेरिका में एक नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाई-प्रोफाइल केसों में डेटा रिलीज करते समय AI और आधुनिक तकनीकों पर अंधा भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। जब तक 'ह्यूमन रिव्यू' (इंसानी जांच) नहीं होगी तब तक ऐसी तकनीकी गलतियां मासूमों की जिंदगी बर्बाद करती रहेंगी।
विभाग का यू-टर्न: फाइलें हटाने की प्रक्रिया शुरू
भारी दबाव के बीच अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) बैकफुट पर आ गया है। विभाग ने अपनी गलती मानते हुए विवादास्पद दस्तावेजों को वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि जो जानकारी एक बार इंटरनेट पर आ गई, उसे पूरी तरह मिटाना नामुमकिन जैसा है।