Edited By Mehak,Updated: 07 Feb, 2026 12:44 PM

देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक इस्तीफे की असली वजह नहीं पता है और कोई दबाव नहीं था। अंसारी ने कहा कि उपराष्ट्रपति का पद संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण है...
नेशनल डेस्क : देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार, 6 जनवरी 2026 को उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं है कि धनखड़ ने आखिर किस वजह से इस्तीफा दिया।
हामिद अंसारी ने कहा कि उपराष्ट्रपति का पद देश के संवैधानिक ढांचे में बेहद अहम होता है और इस पद से इस्तीफा देना सामान्य बात नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक केवल एक ही परिस्थिति में उपराष्ट्रपति अपने पद से हटता है, जब वह राष्ट्रपति बनता है। इसके अलावा इस तरह के इस्तीफे का कोई उदाहरण नहीं रहा है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जगदीप धनखड़ पर किसी तरह के दबाव की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। अंसारी के मुताबिक, धनखड़ ने स्वयं इस्तीफा दिया और पद छोड़ दिया, लेकिन इसके पीछे की असली कहानी क्या है, यह अब भी सामने नहीं आई है।
देश में भाईचारा कमजोर हो रहा है : अंसारी
उत्तराखंड के कोटद्वार में एक कपड़ों की दुकान पर हुए हमले को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए हामिद अंसारी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ती असहिष्णुता को दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि जाति, भाषा और क्षेत्र से जुड़े विवाद अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि ये सभी इस बात का संकेत हैं कि देश में आपसी भाईचारे की भावना धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है। लद्दाख से लेकर कन्याकुमारी तक भाषा, खान-पान और रहन-सहन में फर्क है, लेकिन एक चीज सभी को जोड़ती है - देश की नागरिकता। अगर इस साझा भावना को मजबूत नहीं किया गया, तो सामाजिक एकता धीरे-धीरे खत्म हो सकती है।
भेदभाव के लिए समाज का हर व्यक्ति जिम्मेदार
हामिद अंसारी ने कहा कि आज अखबारों में भाषा, धर्म या किसी अन्य मुद्दे को लेकर होने वाले विवाद लगातार सामने आ रहे हैं। इसके लिए किसी एक व्यक्ति या वर्ग को पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि समाज में बने मौजूदा माहौल के लिए हर व्यक्ति की भूमिका है। बड़े नेताओं की जिम्मेदारी बड़ी होती है और छोटे नेताओं की भूमिका सीमित होती है, लेकिन समाज का हर सदस्य कहीं न कहीं इसके लिए जिम्मेदार है। अंसारी ने चिंता जताई कि देश में भाईचारे की भावना लगातार कमजोर होती जा रही है।