Edited By Rohini Oberoi,Updated: 25 Feb, 2026 10:57 AM

अगर आप होली के असली आनंद, भक्ति और परंपरा के साक्षी बनना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र से बेहतर कोई जगह नहीं है। जहां पूरी दुनिया में होली महज दो दिनों का त्यौहार है वहीं कान्हा की नगरी में यह उत्सव पूरे 40 दिनों तक चलता है। बसंत पंचमी...
Lathmar Holi Barsana Dates : अगर आप होली के असली आनंद, भक्ति और परंपरा के साक्षी बनना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र से बेहतर कोई जगह नहीं है। जहां पूरी दुनिया में होली महज दो दिनों का त्यौहार है वहीं कान्हा की नगरी में यह उत्सव पूरे 40 दिनों तक चलता है। बसंत पंचमी से शुरू होने वाला यह रंगोत्सव न केवल आंखों को सुहाता है बल्कि रूह को भी भक्ति के रंग में सराबोर कर देता है।
बसंत पंचमी से रंग पंचमी तक: भक्ति का लंबा सफर
ब्रज में होली की शुरुआत बसंत पंचमी के दिन मंदिरों में गुलाल उड़ने के साथ हो जाती है। यह उत्सव मुख्य होली के बाद आने वाली रंग पंचमी तक चलता है। इस दौरान मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल की हर गली राधा-कृष्ण के भजनों और गुलाल के बादलों से घिरी रहती है। इसे यहां समाज गायन और विशेष पारंपरिक नृत्यों के साथ मनाया जाता है।

ब्रज की होली के प्रमुख आकर्षण
ब्रज का हर मंदिर और गांव अपनी एक अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है:
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बरसाना की लठमार होली: यह पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां महिलाएं लाठियों से पुरुषों पर प्रहार करती हैं और पुरुष ढाल से अपना बचाव करते हैं।
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नंदगांव की लठमार होली: बरसाना के अगले दिन नंदगांव में वैसी ही परंपरा निभाई जाती है।
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वृंदावन की फूलों वाली होली: बांके बिहारी मंदिर में जब भक्तों पर फूलों की वर्षा होती है तो वह दृश्य किसी स्वर्ग जैसा लगता है।
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मथुरा की होली: विश्राम घाट पर होने वाली आरती और द्वारकाधीश मंदिर का रंगोत्सव अद्भुत होता है।

ब्रज यात्रा की योजना: इन बातों का रखें विशेष ख्याल
होली के दौरान ब्रज में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। अपनी यात्रा को यादगार और सुरक्षित बनाने के लिए इन टिप्स को फॉलो करें:
1. एडवांस बुकिंग है जरूरी
भीड़ के कारण होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं महीनों पहले बुक हो जाती हैं। आखिरी समय की भागदौड़ से बचने के लिए अभी से बुकिंग सुनिश्चित करें।
2. पहनावे का चुनाव
हल्के, सूती और आरामदायक कपड़े (जैसे सफेद कुर्ता-पायजामा) पहनें। ऐसे कपड़े चुनें जो रंग लगने पर खराब हो जाएं तो आपको अफसोस न हो। पारंपरिक कपड़ों में तस्वीरें भी शानदार आती हैं।

3. सामान की सुरक्षा
4. मर्यादा और सम्मान
ध्यान रहे कि ब्रज की होली केवल मौज-मस्ती नहीं बल्कि एक गहरी आस्था का विषय है। स्थानीय रीति-रिवाजों और महिलाओं का सम्मान करें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर बच्चों और बुजुर्गों का हाथ थाम कर रखें।