Edited By Rohini Oberoi,Updated: 05 Feb, 2026 09:25 AM

देश में मौसम एक बार फिर अपनी करवट बदलने वाला है। जहां एक ओर उत्तर भारत के मैदानी इलाके कड़ाके की ठंड और शीतलहर का सामना कर रहे हैं वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अब 5, 6 और 7 फरवरी को देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया...
Heavy Rain Alert : देश में मौसम एक बार फिर अपनी करवट बदलने वाला है। जहां एक ओर उत्तर भारत के मैदानी इलाके कड़ाके की ठंड और शीतलहर का सामना कर रहे हैं वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अब 5, 6 और 7 फरवरी को देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं बारिश के साथ-साथ धूलभरी आंधी चलने की भी आशंका जताई गई है जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव आ सकता है। 2025 में बारिश के सारे रिकॉर्ड टूटने के बाद 2026 की शुरुआत भी कुछ इसी तरह के मौसमी खेल के साथ हो रही है।
दक्षिण भारत: केरल और तमिलनाडु में थमेगा नहीं बारिश का दौर
केरल और तमिलनाडु में मानसून के बाद भी बादलों का बरसना जारी है। यहां 5 से 7 फरवरी के बीच भारी बारिश की संभावना है। विभाग ने मछुआरों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तेज हवाओं के प्रति सचेत रहने को कहा है। राज्य के कई जिलों में जमकर बादल बरसेंगे। बारिश के साथ-साथ धूलभरी आंधी चलने की भी आशंका जताई गई है जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव आ सकता है।

उत्तर भारत: पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का डबल अटैक
पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से मौसम बिगड़ने वाला है:
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हिमाचल और उत्तराखंड: यहां 5 से 7 फरवरी तक भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी का अलर्ट है।
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: इन क्षेत्रों में भी मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी गिरेगी बिजली
मौसम विभाग की लिस्ट काफी लंबी है जहां अगले 72 घंटों में मौसम का कड़ा मिजाज देखने को मिलेगा:
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मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बेमौसम बारिश की संभावना है।
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पूर्वोत्तर: अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
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तटीय और द्वीप क्षेत्र: पुडुचेरी, रायलसीमा, माहे, कराईकल, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

बचाव और सावधानी
लगातार बदल रहे मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि:
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तेज आंधी और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
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पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वाले पर्यटक मौसम की जानकारी लेकर ही घर से निकलें।
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अचानक होने वाली इस बारिश से तापमान गिरेगा जिससे सर्दी का असर एक बार फिर बढ़ सकता है।