Edited By Sahil Kumar,Updated: 02 Feb, 2026 02:02 PM

बजट के बाद कमोडिटी बाजार में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। एमसीएक्स पर चांदी महज चार कारोबारी दिनों में करीब दो लाख रुपये प्रति किलो टूट चुकी है, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। सोना भी अपने रिकॉर्ड स्तर से फिसलकर तेज दबाव में है।...
नेशनल डेस्कः कमोडिटी मार्केट में इन दिनों भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। बजट के बाद से सोना और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। हालात ऐसे हो गए हैं कि महज चार कारोबारी सत्रों में ही चांदी ने निवेशकों की पूंजी पर बड़ा वार कर दिया है। एमसीएक्स पर चांदी का वायदा भाव करीब दो लाख रुपये तक टूट चुका है, जिससे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कमजोरी बनी रहती है तो जून 2026 के अंत तक चांदी की कीमतें 50 डॉलर प्रति औंस, यानी लगभग 2 लाख रुपये तक आ सकती हैं।
एमसीएक्स पर चांदी का बड़ा क्रैश
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में गिरावट हर दिन तेज होती जा रही है। 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी में 12 प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई है। बजट वाले दिन रविवार को चांदी 2,65,652 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, लेकिन सोमवार को इसमें 15 फीसदी का लोअर सर्किट लग गया। इसके बाद भाव फिसलकर 2,25,805 रुपये प्रति किलो पर आ गए। यानी सिर्फ एक दिन में चांदी करीब 39,800 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।
चार दिन में आधी हो गई निवेशकों की रकम
बजट से ठीक पहले गुरुवार को चांदी ने ऐतिहासिक तेजी दिखाई थी और पहली बार इसका वायदा भाव 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया था। कारोबार के अंत तक यह 4,20,048 रुपये प्रति किलो के लाइफटाइम हाई पर पहुंच गई थी। हालांकि इसके बाद गिरावट का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ कि महज चार दिनों में चांदी करीब 1,94,000 रुपये तक टूट चुकी है। इसका सीधा असर उन निवेशकों पर पड़ा है, जिन्होंने ऊंचे स्तर पर खरीदारी की थी।
क्या आगे और सस्ती होगी चांदी?
चांदी को लेकर आगे का अनुमान भी सतर्क रहने का इशारा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कमजोरी बनी रहती है तो जून 2026 के अंत तक चांदी की कीमतें 50 डॉलर प्रति औंस, यानी लगभग 2 लाख रुपये तक आ सकती हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए धैर्य और अनुशासित रणनीति ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो सकती है।
सोना भी दबाव में
चांदी की तरह सोना भी गिरावट से उबर नहीं पा रहा है। बजट वाले दिन आई तेज गिरावट के बाद सोमवार को भी सोने में कमजोरी जारी रही। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का भाव रविवार को 1,47,753 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो सोमवार को गिरकर 1,38,888 रुपये पर आ गया। यानी एक ही दिन में सोना करीब 8,865 रुपये सस्ता हो गया। अगर सोने के हालिया उच्च स्तर की बात करें, तो बीते सप्ताह गुरुवार को यह 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। वहां से अब तक सोने की कीमत करीब 54,200 रुपये तक गिर चुकी है।
क्यों टूट रहे हैं सोना और चांदी?
सोना-चांदी की कीमतों में आई इस भारी गिरावट के पीछे कई वजहें हैं। सबसे बड़ा कारण ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली है। तेजी के बाद भारी बिकवाली से इन कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया। इसके अलावा चांदी की औद्योगिक मांग में कमी भी कीमतों पर असर डाल रही है, खासतौर पर चीन और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में मांग कमजोर हुई है। वहीं अमेरिकी डॉलर में मजबूती भी सोना-चांदी के लिए नकारात्मक साबित हो रही है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद डॉलर मजबूत हुआ है, जिसमें उन्होंने अगले फेड चेयरमैन के तौर पर जेरोम पॉवेल की जगह केविन वॉर्श का नाम लिया है। डॉलर के मजबूत होते ही निवेशक सोना-चांदी से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं।