Edited By Parveen Kumar,Updated: 16 Mar, 2026 09:50 PM

घरेलू सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली के बाजार में चांदी की कीमत 9,000...
नेशनल डेस्क : घरेलू सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार दिल्ली के बाजार में चांदी की कीमत 9,000 रुपये गिरकर 2,56,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इससे पहले शुक्रवार को भी चांदी के दामों में 11,000 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी और यह 2,65,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
सोने के दाम भी लुढ़के
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज कमजोरी आई। सोमवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,950 रुपये टूटकर 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पहले शुक्रवार को भी सोने की कीमत में करीब 2,000 रुपये की गिरावट आई थी और यह 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। लगातार तीसरे दिन सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई है।
निवेशकों का रुख बदला
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों की रणनीति बदलती दिखाई दे रही है। सुरक्षित निवेश के तौर पर अब निवेशक सोना-चांदी से पैसा निकालकर डॉलर और बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। इस वजह से सर्राफा बाजार में बिकवाली बढ़ी है।
विशेषज्ञों की राय
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से बाजार में लंबे समय से बने निवेश सौदों में कटौती हो रही है। उनका कहना है कि निवेशकों को उम्मीद है कि वैश्विक केंद्रीय बैंक फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव को रोक सकते हैं, जिससे निवेश का रुख बदल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दबाव
वैश्विक बाजारों में भी सोना और चांदी दबाव में रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना गिरकर 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गया, जबकि चांदी 80 डॉलर प्रति औंस से नीचे फिसल गई। विशेषज्ञों का कहना है कि वित्त वर्ष के अंत से पहले निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली भी इस गिरावट की एक बड़ी वजह बन रही है।