Autoimmune Disease Symptoms: थकान और पेट फूलने को न लें हल्के में, आंतों से शुरू हो सकती है ये गंभीर बीमारी

Edited By Updated: 13 Apr, 2026 05:00 PM

has your own immune become your enemy recognize these 5 signs

लोग अक्सर शरीर में दिखने वाली छोटी- छोटी समस्याएं जैसे थकान, जोड़ों में दर्द या पेट फूलने को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये साधारण दिखने वाले लक्षण किसी बड़ी ऑटोइम्यून बीमारी की दस्तक हो सकते हैं। ...

 

Autoimmune Disease Symptoms: लोग अक्सर शरीर में दिखने वाली छोटी- छोटी समस्याएं जैसे थकान, जोड़ों में दर्द या पेट फूलने को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये साधारण दिखने वाले लक्षण किसी बड़ी ऑटोइम्यून बीमारी की दस्तक हो सकते हैं।  इससे जुड़ी हैरान करने वाली बात यह है कि इन बीमारियों की जड़ अक्सर आपके पेट (गट) में छिपी होती है।

पेट और इम्यून सिस्टम का गहरा नाता

हमारा 'गट' यानी पाचन तंत्र सिर्फ खाना पचाने का काम नहीं करता, बल्कि यह शरीर का सबसे बड़ा इम्यून सेंटर भी है। शरीर की लगभग 70% प्रतिरक्षा गतिविधियां आंतों की परत में ही होती हैं। हमारी आंतों में अरबों बैक्टीरिया, वायरस और फंगस का एक समूह होता है, जिसे माइक्रोबायोम कहते हैं। जब यह संतुलन बना रहता है, तो इम्यून सिस्टम सही काम करता है। जब आंतों की परत कमजोर हो जाती है, तो हानिकारक तत्व खून में पहुंचने लगते हैं। इससे इम्यून सिस्टम भ्रमित हो जाता है और शरीर की अपनी ही कोशिकाओं पर हमला करने लगता है।

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इन शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज

ऑटोइम्यून बीमारियां अचानक नहीं होतीं, बल्कि शरीर धीरे-धीरे छोटे संकेत देता है:

1.       भरपूर नींद के बाद भी थका हुआ महसूस करना।

2.       बार-बार पेट फूलना, गैस या अपच।

3.      एकाग्रता में कमी या याददाश्त में धुंधलापन।

4.       हल्का लेकिन लगातार बना रहने वाला दर्द या सूजन।

5.       चकत्ते, खुजली या अन्य त्वचा समस्याएं।

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट ?

विशेषज्ञों के अनुसार, ऑटोइम्यून बीमारियों के लक्षण हमेशा उस अंग पर नहीं दिखते जहाँ से बीमारी शुरू होती है। डॉक्टर के अनुसार कई मामलों में बीमारी की शुरुआत आंतों के असंतुलन से होती है, लेकिन लक्षण जोड़ों या त्वचा पर दिखाई देते हैं। एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया जिसे 'मॉलिक्यूलर मिमिक्री' कहा जाता है, उसमें कुछ बैक्टीरिया शरीर के स्वस्थ ऊतकों (Tissues) जैसे दिखने लगते हैं। इससे भ्रमित होकर इम्यून सिस्टम खुद के शरीर को नुकसान पहुँचाने लगता है।

डॉक्टर की सलाह

यदि थकान, पेट की खराबी और जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण लंबे समय तक एक साथ बने रहें, तो इसे 'स्ट्रेस' या 'उम्र का असर' समझकर टालें नहीं। समय पर जांच और सही खान-पान से इन स्थितियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

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