Edited By Anu Malhotra,Updated: 10 Jan, 2026 02:38 PM

दिल की बीमारियां अक्सर खामोश शिकारी की तरह आती हैं, और इनमें सबसे 'धोखेबाज' माना जाता है—मिनी हार्ट अटैक। जिसे हम छोटा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, वह असल में बड़े खतरे की पहली दस्तक हो सकता है। सबसे डराने वाली बात यह है कि कभी-कभी आधुनिक मशीनें और...
नेशनल डेस्क: दिल की बीमारियां अक्सर खामोश शिकारी की तरह आती हैं, और इनमें सबसे 'धोखेबाज' माना जाता है—मिनी हार्ट अटैक। जिसे हम छोटा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, वह असल में बड़े खतरे की पहली दस्तक हो सकता है। सबसे डराने वाली बात यह है कि कभी-कभी आधुनिक मशीनें और ECG भी इसे पकड़ने में नाकाम हो जाते हैं। एक कार्डियोलॉजी के अनुसार, 'मिनी हार्ट अटैक' महज एक मेडिकल टर्म है जो हल्के झटके को दर्शाता है। लेकिन इसका हल्कापन ही इसकी सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि यह साधारण मेडिकल टेस्ट की पकड़ में नहीं आता।
दर्द का अनोखा 'पैटर्न' ही है असली पहचान
जब तकनीक फेल हो जाए, तो शरीर के संकेतों को समझना ही जान बचा सकता है। मिनी हार्ट अटैक के दर्द की पहचान कुछ इस तरह की जा सकती है:
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शुरुआत और फैलाव: दर्द सीने के बिल्कुल बीचों-बीच (ब्रेस्टबोन) से शुरू होता है और धीरे-धीरे आपकी पीठ की ओर शिफ्ट होने लगता है।
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समय का अंतराल: यदि ऐसा दर्द रुक-रुक कर आ रहा है या लगातार 10 से 15 मिनट तक बना हुआ है, तो यह खतरे का स्पष्ट संकेत है।
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पसीने का भ्रम: आम तौर पर अटैक में पसीना आता है, लेकिन सर्दियों के मौसम में बिना पसीना आए भी यह अटैक पड़ सकता है। इसलिए केवल पसीने के भरोसे न बैठें।
शरीर के इन 6 रेड सिग्नल्स को पहचानें
एशियन मेडिकल इंस्टीट्यूट और विशेषज्ञों के अनुसार, दर्द के अलावा ये लक्षण भी 'मिनी अटैक' की निशानी हो सकते हैं:
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अजीब सी बेचैनी: सीने में दबाव या ऐसा महसूस होना जैसे कोई जकड़ रहा हो।
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सांस की समस्या: बिना किसी शारीरिक मेहनत के अचानक सांस फूलने लगना।
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पेट की दिक्कत: अचानक मतली महसूस होना या उल्टी आना।
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शरीर के ऊपरी हिस्सों में दर्द: जबड़े, गर्दन, कंधे या बाएं हाथ तक दर्द का फैलना।
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चक्कर आना: अचानक सिर घूमना या आंखों के सामने अंधेरा छाना।
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ठंडा पसीना: असहज महसूस करने के साथ ठंडा पसीना निकलना।
ECG पर क्यों नहीं कर सकते पूरी तरह भरोसा?
डॉक्टरों का मानना है कि ECG हार्ट अटैक का पता लगाने का एक जरिया जरूर है, लेकिन यह 100% फुलप्रूफ नहीं है। कई मामलों में रिपोर्ट नॉर्मल आती है, जबकि दिल के भीतर नुकसान शुरू हो चुका होता है। इसलिए, यदि आपको ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो रिपोर्ट का इंतजार करने के बजाय तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें।