Edited By Anu Malhotra,Updated: 29 Jan, 2026 11:57 AM

उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। कड़ाके की ठंड, बारिश, बर्फबारी और शीत लहर का असर जनजीवन पर महसूस किया जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश से यातायात प्रभावित हुआ है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम...
नेशनल डेस्क: उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। कड़ाके की ठंड, बारिश, बर्फबारी और शीत लहर का असर जनजीवन पर महसूस किया जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश से यातायात प्रभावित हुआ है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 30 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में प्रभाव डालना शुरू करेगा, जिसका असर अगले चार दिनों यानी 2 फरवरी तक देखा जाएगा।
बारिश और बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्र
जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में बर्फीले तूफान ने 100 घरों को नुकसान पहुंचाया है, लेकिन मौसम के बावजूद भारतीय सेना की ‘snow cricket league’ जारी रही। उत्तराखंड के टिहरी जिले में चिरबिटिया और कद्दूखाल इलाकों में भारी बर्फबारी से लोग घरों में सीमित रह गए। प्रशासन ने 5 दिन से बंद घुत्तू–गंगी मार्ग को बहाल कर कई गांवों को शहरों से जोड़ दिया। मध्य प्रदेश के खरगोन में मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और चने की फसलें बर्बाद हो गई हैं। पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने किसानों के मुआवजे की मांग की है। राजस्थान के कोटा में बारिश के दौरान रामगंजमंडी के कुम्भकोट कस्बे में बिजली की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जिसकी शादी अप्रैल में होनी थी।
दिल्ली-NCR में मौसम
दिल्ली और NCR में बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले तीन दिनों में यहां दो दिन बारिश हुई और हाल के दिन बादल छाए रहे। इसका असर अधिकतम और न्यूनतम तापमान पर भी पड़ा: अधिकतम 18.4°C और न्यूनतम 12.6°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक 4 फरवरी तक मौसम बिगड़ा रहेगा। 31 जनवरी और 1 फरवरी को हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहेंगे, और रात के समय गरज-चमक के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
IMD ने बताया कि 31 जनवरी से 2 फरवरी तक पश्चिमी हिमालय में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा। 1 फरवरी को इसका सबसे अधिक प्रभाव जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में देखा जाएगा, जहां भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और उससे सटे मध्य भारत में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं का भी खतरा है। 2 फरवरी तक सुबह के समय कुछ इलाकों में घना कोहरा छाने की संभावना भी है।
1 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में मैदानी इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रहेगी। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख-गिलगित और ओडिशा में 30 जनवरी तक घना कोहरा रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में 31 जनवरी तक मौसम ठंडा रहेगा और घना कोहरा छा सकता है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में 30-31 जनवरी को घना कोहरा रहने की चेतावनी है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 29 से 31 जनवरी के बीच शीत लहर का असर महसूस किया जाएगा।
राज्यों और शहरों के लिहाज से पूर्वानुमान
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जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश: मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी।
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उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत: 31 जनवरी से 2 फरवरी तक हल्की से मध्यम बारिश।
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पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार: 30-31 जनवरी को घना कोहरा।
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हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़: 29 से 31 जनवरी तक शीत लहर।
अगले 24 घंटों की गतिविधियां
उत्तराखंड में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश और बर्फबारी की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तर छत्तीसगढ़ में छिटपुट बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है। अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के साथ-साथ गुजरात और महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान 2-3 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है।