Heavy Rain Alert: अगले 24 घंटे भारी बारिश मचाएगी तांडव, मानसून का इन राज्यों में जारी किया हाई अलर्ट

Edited By Updated: 20 Mar, 2026 03:19 PM

heavy rainfall set to wreak havoc over the next 24 hours high alert issued

उत्तराखंड में प्री-मानसून मौसम ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार से लगातार बारिश हो रही है, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आई है और सर्दी फिर लौट आई है।

नेशनल डेस्क: उत्तराखंड में प्री-मानसून मौसम ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार से लगातार बारिश हो रही है, जिससे तापमान में अचानक गिरावट आई है और सर्दी फिर लौट आई है। देहरादून समेत अधिकांश जिलों में कल रात से बारिश तेज हो गई है, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है।

बारिश और ठंडी हवाओं से तापमान गिरा
उत्तराखंड में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक बारिश और ठंडी हवाओं के कारण पिछले 24 घंटे में तापमान लगभग पांच डिग्री तक गिर गया है। लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री जैसे धार्मिक स्थलों पर जमकर बर्फबारी हुई। देहरादून में गुरुवार को अधिकतम तापमान 26.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक प्रदेशभर में तेज बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले तूफानी हवाओं के कारण ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किए गए हैं।

विशेष अलर्ट उन जिलों में है जहां बारिश, बर्फबारी और आंधी की संभावना अधिक है, जिनमें देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं की भी संभावना जताई गई है। इसके अलावा, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में भी ओले गिरने और तेज हवाओं के आसार हैं।

मार्च में लौट आई सर्दी
बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि के चलते मार्च में उत्तराखंड में सर्दी का असर बढ़ गया है। राज्य के पर्वतीय इलाकों में लोगों को अलाव जलाने की नौबत आ रही है। देहरादून में सामान्यतः मार्च में तापमान 32 से 34 डिग्री के बीच रहता है, लेकिन गुरुवार को अधिकतम तापमान केवल 26.9 डिग्री दर्ज हुआ। यह जनवरी के अधिकतम तापमान के करीब है, जो 25 से 26 डिग्री रहा करता था। पिछले पांच दिनों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह मौसम का बदलाव आया है। पहाड़ी जिलों में भी तापमान सामान्य से 7 डिग्री तक कम रहा। उदाहरण के लिए, मुक्तेश्वर में तापमान 15.5 डिग्री और नई टिहरी में 15.9 डिग्री दर्ज किया गया।

मौसम में सीजन शिफ्टिंग का असर
मौसम वैज्ञानिक लंबे समय से भारत में सीजन शिफ्टिंग की चेतावनी दे रहे हैं। उत्तराखंड में मौजूदा मौसम की स्थिति इसके प्रत्यक्ष उदाहरण पेश कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि मानसून के अलावा अक्टूबर में भी भारी बारिश हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल सर्दियों में बारिश न होने की वजह से हिमालय के पहाड़ बर्फ रहित हो गए थे। लेकिन अब वसंत ऋतु में मार्च में झमाझम बारिश हो रही है और ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फ गिर रही है। यह बदलाव मौसम के अनियमित रुझानों और सीजन शिफ्टिंग का स्पष्ट संकेत है।

 

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