Henley Passport Index 2026: भारतीयों के लिए बड़ा झटका: इन दो देशों ने खत्म की वीजा-फ्री सुविधा, विदेश जाने से पहले पढ़ लें यह खबर

Edited By Updated: 14 Feb, 2026 08:35 AM

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हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। साल 2026 की नवीनतम रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए 10 पायदान की लंबी छलांग लगाई है। पिछले साल यानी 2025 में...

नेशनल डेस्क: हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। साल 2026 की नवीनतम रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए 10 पायदान की लंबी छलांग लगाई है। पिछले साल यानी 2025 में जहां भारत 85वें स्थान पर था, वहीं अब यह सुधरकर 75वें पायदान पर पहुंच गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस साल जनवरी में भारत 80वें स्थान पर था, यानी महज एक महीने के भीतर इसकी रैंकिंग में 5 अंकों का और सुधार दर्ज किया गया है।

रैंकिंग सुधरी पर वीजा-फ्री देशों की संख्या में कमी

भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में भले ही प्रभावशाली सुधार हुआ है, लेकिन व्यावहारिक धरातल पर भारतीय यात्रियों के लिए एक विरोधाभासी स्थिति पैदा हो गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब भारतीय नागरिक दुनिया के 56 देशों में बिना किसी पूर्व वीजा के (वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल) यात्रा कर सकते हैं। हालांकि यह संख्या जनवरी 2026 के '55' के मुकाबले एक अधिक है, लेकिन 2025 के '57' देशों के मुकाबले इसमें दो देशों की कमी आई है। इस सुधार का मुख्य कारण अन्य देशों की रैंकिंग में गिरावट होना भी है, जिससे भारत की तुलनात्मक स्थिति बेहतर हुई है।

इन दो देशों ने छीनी वीजा-फ्री सुविधा

भारतीयों के लिए वीजा-फ्री यात्रा की सूची से जो दो बड़े नाम कम हुए हैं, वे ईरान और बोलीविया हैं।

  • ईरान: नवंबर 2025 में ईरान ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए अपनी वीजा-फ्री एंट्री को निलंबित कर दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, यह सख्त कदम उन मामलों के बाद उठाया गया जहां कई भारतीय नागरिकों को नौकरी के झूठे झांसे देकर ईरान बुलाया गया और फिर फिरौती के लिए उनका अपहरण कर लिया गया।

  • बोलीविया: दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया ने अपनी नीति बदलते हुए भारतीयों के लिए 'ई-वीजा' (e-Visa) सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। अब यात्रियों को वहां जाने से पहले ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने होंगे और मंजूरी लेनी होगी, जिसे अब 'वीजा-फ्री' श्रेणी में नहीं गिना जाता।

कैसे तैयार होती है यह रैंकिंग?

हेनले पासपोर्ट इंडेक्स इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है। यह दुनिया के 199 पासपोर्टों को 227 संभावित यात्रा गंतव्यों के आधार पर परखता है। किसी भी देश की रैंकिंग इस आधार पर तय होती है कि उसके नागरिक बिना किसी एडवांस पेपरवर्क के कितने देशों में जा सकते हैं। इस स्कोरिंग में 'वीजा-फ्री', 'वीजा-ऑन-अराइवल' और 'इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन' (eTA) को शामिल किया जाता है। आसान शब्दों में, जिस पासपोर्ट पर बिना वीजा के अधिक देशों के दरवाजे खुलते हैं, वह उतना ही शक्तिशाली माना जाता है।

वैश्विक स्तर पर कौन है सबसे आगे?

2026 की इस लिस्ट में सिंगापुर एक बार फिर दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट के रूप में उभरा है, जिसके नागरिक 192 देशों में बिना वीजा के प्रवेश कर सकते हैं। इसके बाद जापान और दक्षिण कोरिया क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर काबिज हैं। भारत की इस ताजा रैंकिंग को वैश्विक स्तर पर देश की बढ़ती कूटनीतिक पहुंच और द्विपक्षीय समझौतों के सकारात्मक परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।

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