घरेलू सफाई उत्पाद व एयर फ्रेशनर्स बन सकते हैं गंभीर बीमारियों का कारण, शोध में हुआ बड़ा खुलासा

Edited By Updated: 27 Sep, 2026 10:29 AM

household cleaning products and air fresheners are causing serious illnesses

घर में सफाई के लिए खुशबू वाले उत्पादों और इसके बाद खुशबू के लिए तरह-तरह के एयर फ्रेशनर्स का इस्तेमाल अब आम हो गया है। लेकिन इससे घर के अंदर हानिकारक नैनोपार्टिकल्स पैदा हो रहे हैं जोकि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। दरअसल ये सुगंधित उत्पाद हवा...

वाशिंगटन : घर में सफाई के लिए खुशबू वाले उत्पादों और इसके बाद खुशबू के लिए तरह-तरह के एयर फ्रेशनर्स का इस्तेमाल अब आम हो गया है। लेकिन इससे घर के अंदर हानिकारक नैनोपार्टिकल्स पैदा हो रहे हैं जोकि स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। दरअसल ये सुगंधित उत्पाद हवा में मौजूद ओजोन के संपर्क में आने से रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण अरबों सूक्ष्म कण बनाते हैं जो सीधे फेफड़ों के गहरे हिस्से में पहुंच जाते हैं और गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। स्विट्जरलैंड की EPFL यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस पर गहन अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। 

इस शोध को अमेरिकन केमिकल सोसायटी की 2026 की मीटिंग में भी प्रस्तुत किया गया है। हाल ही में अमेरिका की पर्फ्यू यूनिवर्सिटी के सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर ब्रैंडन बूर ने भी इसी पर विस्तृत शोध किया गया है। दोनों ही विवि का संयुक्त शोध घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता को लेकर एक गंभीर चेतावनी देता है। 

सीधे फेफड़ों में पहुंच जाते हैं कण 

आकार में बेहद छोटे होने के कारण ये कण हमारे श्वसन तंत्र के प्राकृतिक फिल्टर (नाक के बाल और बलगम) को आसानी से पार कर सीधे फेफड़ों में पहुंच जाते हैं। इन कणों के लगातार संपर्क में रहने से अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, सांस फूलना और फेफड़ों में सूजन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह अदृश्य प्रदूषण बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। 

लिमोनेन और पाइनीन से पैदा होते हैं कण

नींबू या चीड़ व अन्य खुशबू वाले उत्पादों में लिमोनेन और पाइनीन जैसे रासायनिक यौगिक होते हैं। इन्हें मोनोएम्पीयर कहा जाता है। जब ये हवा में मौजूद ओजोन गैस के संपर्क में आते हैं, तो एक तीव्र रासायनिक प्रतिक्रिया होती है। इससे हवा में अरबों अल्ट्राफाइन पार्टिकल्स बन जाते हैं। ये पीएम-10 और पीएम 2.5 से भी छोटे होते हैं, जिन्हें हम अपनी सामान्य आंखों से तो देख भी नहीं सकते। 

इस तरह से करें घर की सफाई 

घर की सफाई के लिए बिना सुगंध या कम सुगंधित क्लीनर चुनें। इसके साथ ही एयर फ्रेंशनेस से भी दूरी बनाए।
घर में सफाई करते समय एग्जास्ट फैन या खिड़कियां खोलकर रखें जिससे वेंटिलेशन बना रहे।
रासायनिक स्प्रे के बजाय सफेद सिरका, बेकिंग सोडा और पानी के मिश्रण जैसे पारंपरिक तरीका भी अपनाया जा सकता है। 
 

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