Credit Card Rules Change: क्रेडिट कार्ड यूजर्स अलर्ट! 1 अप्रैल से बदलेंगे नियम, बड़े बिल पर होगी रिपोर्टिंग अनिवार्य

Edited By Updated: 19 Feb, 2026 12:07 PM

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श में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है और अब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल मेट्रो शहरों से निकलकर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंच चुका है। इसी बीच आयकर विभाग ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 जारी किए हैं, जिनमें क्रेडिट कार्ड लेन-देन से जुड़े कई अहम...

बिजनेस डेस्कः देश में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है और अब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल मेट्रो शहरों से निकलकर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंच चुका है। इसी बीच आयकर विभाग ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 जारी किए हैं, जिनमें क्रेडिट कार्ड लेन-देन से जुड़े कई अहम बदलाव प्रस्तावित हैं। ये नए नियम 1962 के पुराने आयकर नियमों की जगह ले सकते हैं और 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकते हैं।

बड़े क्रेडिट कार्ड भुगतान पर रिपोर्टिंग अनिवार्य

ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपए से अधिक का क्रेडिट कार्ड बिल गैर-नकद माध्यम (UPI, बैंक ट्रांसफर या चेक) से चुकाता है, तो संबंधित बैंक या कार्ड जारी करने वाली कंपनी इसकी सूचना आयकर विभाग को देगी।

वहीं, यदि 1 लाख रुपए या उससे अधिक का भुगतान नकद में किया जाता है, तो उसकी भी रिपोर्टिंग जरूरी होगी। हालांकि इस तरह की व्यवस्था पहले भी मौजूद थी लेकिन नए नियमों में इसे अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित रूप से शामिल किया गया है।

PAN आवेदन में क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट मान्य

अब पैन कार्ड के लिए आवेदन करते समय तीन महीने से अधिक पुराना न होने वाला क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट एड्रेस प्रूफ के तौर पर स्वीकार किया जा सकेगा। इससे दस्तावेजों की सत्यता और अद्यतन जानकारी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है।

टैक्स भुगतान के लिए डिजिटल माध्यम को बढ़ावा

प्रस्तावित नियमों में क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग को आयकर भुगतान के आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के रूप में मान्यता दी गई है। इससे टैक्स भुगतान की प्रक्रिया अधिक डिजिटल और सुविधाजनक होगी और करदाताओं को ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

कंपनी द्वारा दिए गए क्रेडिट कार्ड पर टैक्स प्रावधान

अगर किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया जाता है और उसका वार्षिक शुल्क या अन्य खर्च कंपनी वहन करती है, तो इसे ‘परक्विजिट’ माना जाएगा। यानी यह कर्मचारी की कर योग्य आय में जोड़ा जाएगा।

हालांकि, यदि खर्च पूरी तरह आधिकारिक कार्य से संबंधित है, तो उस पर टैक्स नहीं लगेगा। इसके लिए कंपनी को खर्च का विस्तृत रिकॉर्ड रखना होगा, जिसमें तारीख, विवरण और उपयोग का उद्देश्य शामिल हो।

बिना PAN नहीं मिलेगा नया क्रेडिट कार्ड

प्रस्तावित नियमों के तहत किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था को क्रेडिट कार्ड जारी करने से पहले आवेदक का PAN अनिवार्य रूप से लेना होगा। बिना PAN के नया कार्ड जारी नहीं किया जाएगा। इसका उद्देश्य बड़े वित्तीय लेन-देन पर निगरानी को और मजबूत करना है।

कुल मिलाकर, नए प्रस्तावित नियमों का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना, डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देना और बड़े खर्चों पर निगरानी को सख्त करना है।
 

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