Edited By Anu Malhotra,Updated: 17 Feb, 2026 02:07 PM
रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की चिंता हर बुजुर्ग को सताती है, खासकर तब जब बाजार के उतार-चढ़ाव मेहनत की कमाई पर जोखिम बढ़ा देते हैं। ऐसे में भारत सरकार की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक भरोसेमंद साथी बनकर उभरी है। यह योजना न केवल आपकी पूंजी को...
नेशनल डेस्क: रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की चिंता हर बुजुर्ग को सताती है, खासकर तब जब बाजार के उतार-चढ़ाव मेहनत की कमाई पर जोखिम बढ़ा देते हैं। ऐसे में भारत सरकार की सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक भरोसेमंद साथी बनकर उभरी है। यह योजना न केवल आपकी पूंजी को सरकारी सुरक्षा देती है, बल्कि आपको हर महीने एक सम्मानजनक राशि कमाने का अवसर भी प्रदान करती है, जिससे बुढ़ापे में किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती।
रिटायरमेंट के बाद सम्मान की कमाई: SCSS से पाएं हर महीने ₹20,500 का फिक्स्ड रिटर्न
भारत सरकार द्वारा संचालित यह स्मॉल सेविंग स्कीम विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के वित्तीय भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें निवेश करना न केवल सुरक्षित है, बल्कि वर्तमान में मिल रही ब्याज दरें इसे किसी भी पारंपरिक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से अधिक आकर्षक बनाती हैं।
कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
SCSS का खाता खोलना बेहद सरल है, लेकिन इसके लिए कुछ पात्रता शर्तें तय की गई हैं:
आयु सीमा: सामान्य नागरिकों के लिए 60 वर्ष या उससे अधिक।
VRS लेने वाले: 55 से 60 वर्ष के वे लोग जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली है।
डिफेंस कर्मी: रक्षा सेवाओं से रिटायर होने वाले अधिकारी 50 वर्ष की उम्र के बाद भी इसका लाभ उठा सकते हैं।
खाता प्रकार: आप अकेले या अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर ज्वाइंट अकाउंट खोल सकते हैं।
निवेश की सीमा और समय अवधि
इस योजना में आप कम से कम ₹1,000 से निवेश शुरू कर सकते हैं। अधिकतम निवेश की सीमा ₹30 लाख है। खाते की मैच्योरिटी अवधि 5 वर्ष होती है, जिसे निवेशक की इच्छा पर 3 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है।
ब्याज दर और ₹20,000 महीने की कमाई का फॉर्मूला
वर्तमान में सरकार इस स्कीम पर 8.2% प्रति वर्ष की दर से शानदार ब्याज दे रही है। इसका भुगतान तिमाही आधार पर (अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी में) किया जाता है।
गणित समझिए:
अगर कोई वरिष्ठ नागरिक इस स्कीम में अधिकतम ₹30 लाख का निवेश करता है, तो 8.2% की दर से उसे सालाना ₹2,46,000 का ब्याज मिलता है। यह ब्याज तिमाही आधार पर 61,500 रुपये के रूप में मिलता है। अगर इसे महीने के हिसाब से बांटें, तो यह राशि ₹20,500 प्रति माह बैठती है। यह उन लोगों के लिए एक बेहतरीन मासिक पेंशन की तरह काम करती है जिनके पास रिटायरमेंट का एकमुश्त फंड मौजूद है।
टैक्स बेनिफिट और जरूरी नियम
SCSS में निवेश करना न केवल कमाई का जरिया है, बल्कि यह टैक्स बचाने में भी मदद करता है:
धारा 80C: निवेश की गई मूल राशि पर इनकम टैक्स एक्ट के तहत ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है।
TDS का नियम: यदि साल भर का ब्याज ₹1 लाख से अधिक है, तो 10% TDS काटा जाता है। हालांकि, कम आय वाले बुजुर्ग फॉर्म 15H जमा करके इस कटौती को रुकवा सकते हैं।