Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 30 Mar, 2026 09:10 PM

नई दिल्ली से जनगणना 2027 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। भारत सरकार के तहत होने वाली इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में आयोजित की जाएगी।
नेशनल डेस्क: नई दिल्ली से जनगणना 2027 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। भारत सरकार के तहत होने वाली इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में आयोजित की जाएगी। जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह प्रक्रिया चार अलग-अलग चरणों में पूरी होगी, जिससे डेटा संग्रह और सत्यापन पहले से ज्यादा सटीक और पारदर्शी हो सकेगा।
चार चरणों में पूरी होगी जनगणना प्रक्रिया
इस बार जनगणना को व्यवस्थित तरीके से चार चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे, जिसे सेल्फ एन्यूमरेशन कहा जा रहा है। इसके बाद सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर इस जानकारी की जांच करेंगे। तीसरे चरण में सुपरवाइजर द्वारा डेटा का क्रॉस चेक किया जाएगा, जहां एक सुपरवाइजर के अंतर्गत कई कर्मचारी काम करेंगे। अंतिम चरण में सभी सूचनाओं को समेकित कर अंतिम डेटा तैयार किया जाएगा।
जाति जनगणना कब होगी?
आयुक्त के अनुसार, शुरुआती चरण में घरों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। वहीं, जातिगत आंकड़ों का संग्रह दूसरे चरण में किया जाएगा, जिसमें आबादी से जुड़ी विस्तृत जानकारी शामिल होगी।
1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा पहला चरण
जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू किया जाएगा। इस दौरान नागरिकों से लगभग 33 सवालों के जवाब मांगे जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस बार लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़े भी खुद को विवाहित के रूप में दर्ज कर सकते हैं, यदि वे अपने रिश्ते को स्थायी मानते हैं।
ऑनलाइन पोर्टल से खुद भर सकेंगे जानकारी
सरकार ने इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है, जहां लोग आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस पोर्टल पर FAQ सेक्शन भी दिया गया है, ताकि लोगों को प्रक्रिया समझने में कोई दिक्कत न हो।
हाउस लिस्टिंग से होगी शुरुआत
पहले चरण को हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना कहा जाएगा। इसमें घरों की स्थिति, सुविधाएं और आवासीय जानकारी एकत्र की जाएगी। इससे सरकार को भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।
मोबाइल ऐप से डेटा कलेक्शन, 30 लाख कर्मचारी जुटेंगे
इस बार जनगणना को पूरी तरह पेपरलेस बनाने पर जोर दिया गया है। करीब 30 लाख कर्मचारी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डेटा इकट्ठा करेंगे। इस डिजिटल सिस्टम से प्रक्रिया तेज होने के साथ-साथ डेटा की सटीकता और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
क्यों खास है Census 2027?
यह भारत की अब तक की सबसे आधुनिक जनगणना मानी जा रही है, जिसमें टेक्नोलॉजी का व्यापक इस्तेमाल होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी, जिससे नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।