अब सीमा पार बोलेगा पहलगाम का खून ! कड़े एक्शन को तैयार  हिंदुस्तान, पाकिस्तान में हाई अलर्ट

Edited By Updated: 01 May, 2025 04:03 PM

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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत ...

International Desk:जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की मौत और दर्जनों के घायल होने के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पाकिस्तान में भी हलचल तेज हो गई है, जहां खुफिया एजेंसियों और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान में 'युद्ध की तैयारी' के संकेत मिल रहे हैं और कई सैन्य ठिकानों पर "वार सायरन" (युद्ध चेतावनी सायरन) बजने की खबरें सामने आ रही हैं।

 

पहलगाम आतंकी हमला 
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल पहलगाम में एक भीषण आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई गंभीर रूप से घायल हुए। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि हमलावरों को सीमापार से हथियार और प्रशिक्षण मिला था। इसके बाद से भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि हमले के पीछे सीमा पार के आतंकी संगठनों का हाथ है, जिन्हें पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन प्राप्त है।

 

भारत की सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 की चेतावनी 
भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि पाकिस्तान ने आतंक पर लगाम नहीं लगाई, तो वह "सीमा पार सर्जिकल कार्रवाई" से पीछे नहीं हटेगा। रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख दोनों ने हाल ही में उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठकें कीं, और सीमावर्ती इलाकों में सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है। सूत्रों के अनुसार, नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय सेना की विशेष यूनिट्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

 

पाकिस्तान में हड़कंप: बजा 'युद्ध सायरन'
पाक मीडिया और नागरिक सूत्रों के अनुसार, इस तनाव के बाद पाकिस्तान के कई सैन्य अड्डों—विशेष रूप से पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्रों में—रात के समय "वार सायरन" बजाया गया। इस चेतावनी संकेत के बाद वहां की सुरक्षा एजेंसियों ने नागरिकों को अलर्ट रहने को कहा है और संभावित एयरस्पेस प्रतिबंधों की चर्चा भी शुरू हो चुकी है।

 

ISI प्रमुख को NSA भी बनाया गया
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान सरकार ने अपनी खुफिया एजेंसी ISI के मौजूदा प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद असीम मलिक को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। यह पहली बार है कि किसी कार्यरत ISI प्रमुख को NSA का भी जिम्मा सौंपा गया है—जो पाकिस्तान के रणनीतिक रुख में बड़े बदलाव की ओर संकेत करता है।

 

 कूटनीतिक प्रतिक्रिया और वैश्विक निगाहें
भारत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर इस आतंकी हमले की निंदा की अपील की है। अमेरिका, फ्रांस और रूस जैसे देशों ने भी हमले पर चिंता जताई है, हालांकि उन्होंने दोनों देशों से संयम बरतने की भी अपील की है। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने युद्ध की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। भारत और पाकिस्तान दोनों ही सीमावर्ती इलाकों में अपनी सैन्य मौजूदगी को तेज़ कर रहे हैं और कूटनीतिक हलचल भी बढ़ गई है।

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