ये है भारत का सबसे छोटा रेलवे स्टेशन, सिर्फ 2 अक्षरों का है नाम, 1 सेकंड में ही गुजर जाता है प्लेटफॉर्म

Edited By Updated: 24 Mar, 2026 04:07 PM

india smallest railway station has just 2 letters you might miss it in a blink

भारत में Indian Railways के तहत ओडिशा के झारसुगुड़ा में स्थित Ib Railway Station देश के सबसे छोटे नाम वाले स्टेशनों में शामिल है। इसका नाम केवल दो अक्षरों “IB” से बना है। यह छोटा स्टेशन कम ट्रेनों के ठहराव के कारण पलक झपकते ही गुजर जाता है। अपनी...

नेशनल डेस्क : भारत का रेलवे नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क्स में से एक है, जहां बड़े और आधुनिक स्टेशनों की चर्चा अक्सर होती है। लेकिन इसी विशाल नेटवर्क में एक ऐसा छोटा और अनोखा स्टेशन भी है, जिसका नाम बेहद छोटा है और जो अपनी खासियत के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित करता है।

भारत का सबसे छोटा नाम वाला स्टेशन

Indian Railways के अंतर्गत आने वाला Ib Railway Station देश के सबसे छोटे नाम वाले रेलवे स्टेशनों में शामिल है। इस स्टेशन का नाम सिर्फ दो अक्षरों - 'IB' से बना है। यह स्टेशन ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में स्थित है और इसका नाम पास में बहने वाली इब नदी के नाम पर रखा गया है।

लोकेशन और खासियत

यह स्टेशन हावड़ा-नागपुर-मुंबई रेल लाइन पर स्थित है, जो देश की प्रमुख रेल लाइनों में से एक है। खास बात यह है कि इतने छोटे नाम वाला यह स्टेशन यात्रियों के बीच जिज्ञासा का विषय बना रहता है। हालांकि गुजरात के Od Railway Station का नाम भी दो अक्षरों का है, लेकिन इब स्टेशन अधिक लोकप्रिय माना जाता है।

1 सेकंड में ही गुजर जाता है प्लेटफॉर्म

इब रेलवे स्टेशन छोटा होने के कारण यहां बहुत कम ट्रेनों का ठहराव होता है। कई बार यात्री ट्रेन में बैठे-बैठे यह भी नहीं समझ पाते कि स्टेशन कब आया और कब निकल गया। प्लेटफॉर्म छोटा होने की वजह से यह अनुभव और भी खास बन जाता है।

यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र

इस स्टेशन पर लगे पीले रंग के साइनबोर्ड पर बड़े अक्षरों में “IB” लिखा होता है, जो यात्रियों और रेल प्रेमियों के लिए फोटो खिंचवाने का खास आकर्षण बन गया है। आज के समय में यह जगह व्लॉगर्स और ट्रैवलर्स के बीच भी काफी लोकप्रिय हो चुकी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

इब रेलवे स्टेशन का इतिहास भी काफी पुराना है। इसकी शुरुआत साल 1891 में बंगाल नागपुर रेलवे के दौरान हुई थी। शुरुआती समय में यहां मुख्य रूप से मालगाड़ियों का संचालन होता था, लेकिन बाद में यात्री ट्रेनों का ठहराव भी शुरू किया गया।

आज का महत्व

आज के डिजिटल दौर में यह छोटा सा स्टेशन अपनी अनोखी पहचान के कारण खास बन गया है। भले ही इसका आकार और नाम छोटा हो, लेकिन इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और यह भारतीय रेलवे के रोचक तथ्यों में शामिल हो चुका है।

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