Edited By Radhika,Updated: 12 Feb, 2026 01:32 PM

भारतीय रुपया इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूती का लोहा मनवा रहा है। गुरुवार (12 फरवरी 2026) को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 38 पैसे उछलकर 90.40 के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मजबूती के पीछे हाल ही...
Rupee vs Dollar: भारतीय रुपया इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूती का लोहा मनवा रहा है। गुरुवार (12 फरवरी 2026) को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 38 पैसे उछलकर 90.40 के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मजबूती के पीछे हाल ही में हुई India US Trades Deal और RBI की सक्रियता बड़ी वजह है।
रुपये की इस छलांग के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:
1. भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ट्रंप प्रशासन के साथ हुई हालिया व्यापारिक संधि के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। टैरिफ में कटौती और भविष्य के बड़े निवेश के वादों ने रुपये को मनोवैज्ञानिक मजबूती दी है।
2. RBI का 'एक्शन' प्लान: बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि RBI ने मुद्रा बाजार में बड़ी गिरावट रोकने के लिए समय-समय पर हस्तक्षेप किया है। बैंक ने यह सुनिश्चित किया है कि बैंकिंग सिस्टम में नकदी की कोई कमी न हो।
3. डॉलर की कमजोरी: अमेरिका में रोजगार और रिटेल सेल्स के आंकड़े उम्मीद से कमजोर आए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर डॉलर थोड़ा नरम पड़ा है। इसका सीधा फायदा भारतीय करेंसी को मिला।

शेयर बाजार और कच्चे तेल का हाल
जहाँ करेंसी मार्केट में जश्न का माहौल है, वहीं शेयर बाजार में आज सुस्ती देखी गई।
- सेंसेक्स और निफ्टी: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 350 अंक और निफ्टी 100 अंकों से ज्यादा गिर गया।
- कच्चा तेल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 0.42% बढ़कर 69.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, जो आने वाले समय में आयात लागत बढ़ा सकती है।