ईशनिंदा मामलाः  ईरान में मशहूर पॉप सिंगर को मिली मौत की सजा, फैसले पर उठे सवाल

Edited By Updated: 20 Jan, 2025 03:22 PM

iranian court sentences pop star tataloo to death for blasphemy

ईरान (Iran) के सुप्रीम कोर्ट ने मशहूर पॉप सिंगर आमिर तातालू (Amir Tataloo) को ईशनिंदा के गंभीर आरोप में मौत की सजा सुनाई है।...

International Desk:  ईरान (Iran) के सुप्रीम कोर्ट ने मशहूर पॉप सिंगर आमिर तातालू (Amir Tataloo) को ईशनिंदा के गंभीर आरोप में मौत की सजा सुनाई है। आमिर तातालू, जिनका असली नाम अमीर हुसैन मघसूदलू है, पर पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad) का अपमान करने और इस्लामी गणराज्य के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप था। पहले आमिर तातालू को पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, अभियोजक की आपत्ति पर मामले की दोबारा जांच की गई।

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सुप्रीम कोर्ट ने जांच के बाद पाया कि तातालू पर लगे ईशनिंदा(blasphemy) और अन्य आरोप सही हैं, जिसके बाद उनकी सजा बढ़ाकर मौत कर दी गई। कोर्ट ने कहा, "सरकार द्वारा पेश किए गए सबूत सही पाए गए। हालांकि, इस फैसले के खिलाफ अपील की जा सकती है।"  37 वर्षीय आमिर तातालू 2018 से तुर्की के इस्तांबुल में रह रहे थे। दिसंबर 2023 में तुर्की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर ईरान को सौंप दिया। इसके बाद से वह ईरानी हिरासत में थे। तातालू पर वेश्यावृत्ति को बढ़ावा देने, अश्लील सामग्री साझा करने और इस्लाम के खिलाफ प्रचार करने के भी आरोप थे।  


 
आमिर तातालू पहले भी कई विवादों में रहे    

  • -  2015 तातालू ने ईरान के परमाणु प्रोग्राम के समर्थन में गाना बनाया, जिसे अमेरिकी राजनीति के संदर्भ में काफी चर्चा मिली।  
  • -  2017 तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के साथ टेलीविजन चर्चा में शामिल होने के बाद वह सुर्खियों में आए।  
  • -  विवादास्पद बयान और गाने तातालू पर उनके गानों और सोशल मीडिया पोस्ट के कारण इस्लामिक मूल्यों के खिलाफ प्रचार करने के आरोप लगते रहे हैं।  

 

समर्थकों और आलोचकों की प्रतिक्रिया 
तातालू के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर इस फैसले की निंदा की है और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। वहीं, ईरान सरकार का कहना है कि इस फैसले से धार्मिक मूल्यों की रक्षा होगी।  

 

फैसले पर उठे सवाल 
मानवाधिकार संगठनों ने ईरान के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि तातालू को निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार नहीं दिया गया। यह फैसला ईरान के सख्त कानूनों और असहमति को दबाने के उपायों की ओर इशारा करता है। आने वाले दिनों में तातालू के वकील द्वारा अपील की जाने की संभावना है। यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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