joints cracking: घुटनों में ‘कट-कट’ की आवाज़ को न करें नजरअंदाज – गंभीर खतरे का संकेत?

Edited By Updated: 25 Feb, 2026 01:34 PM

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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खानपान का असर हमारे शरीर पर साफ दिखने लगा है। अक्सर आपने महसूस किया होगा कि जब आप सुबह बिस्तर से उठते हैं, कुर्सी से खड़े होते हैं या चलते हैं, तो घुटनों और जोड़ों से 'कट-कट' या चटकने की आवाज आती है। ज्यादातर...

नेशनल डेस्क: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और असंतुलित खानपान का असर हमारे शरीर पर साफ दिखने लगा है। अक्सर आपने महसूस किया होगा कि जब आप सुबह बिस्तर से उठते हैं, कुर्सी से खड़े होते हैं या चलते हैं, तो घुटनों और जोड़ों से 'कट-कट' या चटकने की आवाज आती है। ज्यादातर लोग इसे हड्डियों की कमजोरी मानकर डर जाते हैं, लेकिन क्या वाकई यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत है? आइए इस शोर के पीछे की असली वजह और इसके समाधान को विस्तार से समझते हैं।

क्यों गूंजते हैं आपके जोड़? (असली वजह)
चिकित्सकीय विज्ञान के अनुसार, हमारे जोड़ों के बीच एक खास तरह का तरल पदार्थ होता है जिसे साइनोवियल फ्लूड (Synovial Fluid) कहा जाता है। यह लुब्रिकेंट का काम करता है ताकि हड्डियां आपस में न रगड़ें। इस फ्लूड के अंदर ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और कार्बन डाइऑक्साइड गैस के छोटे-छोटे बुलबुले बनते रहते हैं। जब हम अचानक हिलते-डुलते या खड़े होते हैं, तो जोड़ों के मुड़ने से इन बुलबुलों पर दबाव पड़ता है और वे फूटने लगते हैं। यही बुलबुलों के फटने की आवाज हमें 'कट-कट' के रूप में सुनाई देती है।

जोड़ों या हड्डियों से आने वाली ‘कट-कट’ (clicking/popping) आवाज़ अक्सर इन कारणों से होती है:

  • शरीर में कैल्शियम, विटामिन D3 या B12 की कमी
  • उम्र बढ़ना
  • जोड़ों में सिनोवियल फ्लूइड (चिकनाई) का कम होना
  • अधिकतर मामलों में यह सामान्य प्रक्रिया है और चिंता की जरूरत नहीं।

लेकिन यदि इसके साथ कोई लक्षण दिखें, जैसे:

  • तेज दर्द
  • जोड़ों में सूजन
  • चलने-फिरने में दिक्कत

कब सावधानी बरतना है जरूरी?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक इन आवाजों के साथ आपको दर्द, सूजन या जकड़न (Stiffness) महसूस नहीं हो रही है, तब तक घबराने की कोई बात नहीं है। यह एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया हो सकती है। हालांकि, अगर आवाज के साथ तेज दर्द होता है या जोड़ों को हिलाने में दिक्कत आती है, तो यह अर्थराइटिस या कार्टिलेज के घिसने का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना अनिवार्य है।

जोड़ों को मजबूत बनाने के प्राकृतिक उपाय
अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं और हड्डियों को लोहे जैसा मजबूत बना सकते हैं:

कैल्शियम और विटामिन्स का मेल: दूध और दही को अपनी डाइट का अनिवार्य हिस्सा बनाएं। इनमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों के घनत्व को बढ़ाता है और उन्हें खोखला होने से बचाता है।

भीगे बादाम का कमाल: बादाम ओमेगा-3 फैटी एसिड और पोटेशियम का खजाना हैं। रात भर भीगे हुए बादाम खाने से जोड़ों में लचीलापन बना रहता है और हड्डियों की ग्रोथ बेहतर होती है।

गुड़ और भुने चने का देसी नुस्खा: यह कॉम्बिनेशन कैल्शियम और आयरन से भरपूर होता है। रोजाना गुड़ के साथ भुने चने खाने से शरीर की कमजोरी दूर होती है और जोड़ों को अंदरूनी ताकत मिलती है।

सक्रिय जीवनशैली: जोड़ों को जाम होने से बचाने के लिए नियमित व्यायाम और स्ट्रेचिंग करें। संतुलित खानपान और सही पोश्चर आपको लंबे समय तक स्वस्थ रख सकता है।

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