Edited By Mehak,Updated: 13 Feb, 2026 07:06 PM

यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला अपशिष्ट पदार्थ है, जिसे किडनी बाहर निकालती है। जब यह जरूरत से ज्यादा बढ़ जाता है, तो खून में स्तर बढ़ता है और गाउट जैसी समस्याएं होती हैं। इसके लक्षणों में जोड़ों में दर्द, सूजन, लालिमा, अकड़न, त्वचा पर गांठें, पेशाब...
नेशनल डेस्क : यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक अपशिष्ट पदार्थ है, जिसे किडनी फिल्टर करके बाहर निकालती है। यह प्यूरिन नामक केमिकल के टूटने से बनता है। प्यूरिन न केवल खाने की चीजों में मौजूद होता है, बल्कि शरीर में भी बनता है। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है और किडनी इसे पूरी तरह से बाहर नहीं निकाल पाती, तो खून में इसका स्तर बढ़ जाता है। इससे गाउट (Gout) जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
यूरिक एसिड बढ़ने पर दिखने वाले लक्षण
1. जोड़ों में दर्द
यूरिक एसिड क्रिस्टल्स के रूप में जोड़ों में जमने लगते हैं। इससे हाथ-पैर की उंगलियों, घुटनों और खासकर पैर के अंगूठे में दर्द महसूस होता है।
2. सूजन और लालिमा
दर्द के साथ प्रभावित जोड़ सूज जाते हैं और लाल दिखाई देने लगते हैं।
3. अकड़न होना
हड्डियों और जोड़ अकड़ने लगते हैं। लंबे समय तक बैठे या खड़े रहने पर जोड़ सही तरह से हिलते नहीं हैं।
4. त्वचा पर गांठें (टॉफी)
जोड़ों और कानों के आसपास सख्त गांठें बन सकती हैं, जिन्हें टॉफी कहा जाता है।
5. पेशाब से जुड़ी समस्याएं
बार-बार पेशाब करने की इच्छा, पेशाब में खून आना जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं।
6. पथरी की संभावना
बढ़ा हुआ यूरिक एसिड गुर्दे में पथरी का कारण बन सकता है। इसके लक्षण में पीठ के निचले हिस्से या पेट के किनारे तेज दर्द शामिल है।
किन चीजों में ज्यादा होता है यूरिक एसिड
- लाल मीट और कलेजी
- मछली और अन्य सीफूड
- दालें जैसे उड़द और बीन्स जैसे राजमा
- मीठी कोल्ड ड्रिंक्स और शुगर वाले जूस
- शराब और बीयर
यूरिक एसिड कम करने के घरेलू उपाय
पानी अधिक पिएं – इससे किडनी बेहतर तरीके से यूरिक एसिड को बाहर निकालती है।
सेब का सिरका – बराबर मात्रा में पानी के साथ मिलाकर पीने से यूरिक एसिड कम करने में मदद मिलती है।
नींबू पानी – विटामिन C से भरपूर नींबू पानी यूरिक एसिड कम करने में फायदेमंद है। गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पीना लाभकारी है।
याद रखें, यूरिक एसिड बढ़ने पर समय रहते उपाय और खानपान पर ध्यान देना जरूरी है। अगर लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।