Edited By Radhika,Updated: 12 Jan, 2026 06:44 PM

बिहार में दरभंगा के अंतिम शासक महाराज कामेश्वर सिंह की तीसरी महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार को निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 96 वर्ष की थीं और निसंतान थीं। इससे पहले दो अन्य महारानियों का भी निधन हो गया था। सूत्रों के अनुसार,...
नेशनल डेस्क: बिहार में दरभंगा के अंतिम शासक महाराज कामेश्वर सिंह की तीसरी महारानी कामसुंदरी देवी का सोमवार को निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 96 वर्ष की थीं और निसंतान थीं। इससे पहले दो अन्य महारानियों का भी निधन हो गया था। सूत्रों के अनुसार, महारानी कामसुंदरी की अंतिम यात्रा श्यामा माई मंदिर परिसर से निकाली जाएगी।
श्यामा माई मंदिर परिसर, राजपरिवार का परंपरागत अंत्येष्टि स्थल है और शाही परिसर के भीतर स्थित है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी और बिहार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी समेत कई नेताओं ने महारानी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल के भी महारानी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना है। कामसुंदरी देवी पिछले छह महीनों से अस्वस्थ थीं और दरभंगा स्थित कल्याणी निवास में उन्होंने अंतिम सांस ली।
महाराज कामेश्वर सिंह ने 1940 में कामसुंदरी देवी से विवाह किया था और वह उनकी तीसरी पत्नी थीं। महाराज कामेश्वर सिंह की कामसुंदरी देवी से पहले दो पत्नियां महारानी राजलक्ष्मी देवी और महारानी कामेश्वरी प्रिया देवी थीं। महाराज कामेश्वर सिंह का निधन 1962 में हुआ था जबकि महारानी कामेश्वरी प्रिया देवी का 1940 में और महारानी राजलक्ष्मी देवी का निधन 1976 में हुआ था। महाराज के निधन के बाद कामसुंदरी देवी ने उनकी स्मृति में ‘कल्याणी फाउंडेशन' की स्थापना की थी। इस फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने महाराज के नाम पर एक पुस्तकालय भी स्थापित कराया, जिसमें 15,000 से अधिक पुस्तकें संग्रहित हैं।