महिला आरक्षण पर खरगे ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र, कहा- पीएम मोदी तुरंत बुलाएं सर्वदलीय बैठक

Edited By Updated: 17 Mar, 2026 02:20 PM

kharge writes to the central government on women s reservation

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू से कहा है कि महिला आरक्षण अधिनियम के ''क्रियान्वयन के तौर-तरीकों और रूपरेखा'' पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक जल्द से जल्द बुलाई जानी...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू से कहा है कि महिला आरक्षण अधिनियम के ''क्रियान्वयन के तौर-तरीकों और रूपरेखा'' पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक जल्द से जल्द बुलाई जानी चाहिए। रीजीजू द्वारा उन्हें लिखे गए एक पत्र का जवाब देते हुए, खरगे ने कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम', सितंबर 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने सोमवार रात रीजीजू को लिखे पत्र में कहा, ''30 महीने बाद, सरकार संवैधानिक संशोधन के कार्यान्वयन के तौर-तरीकों और रूपरेखा पर विचार-विमर्श करने के लिए मेरे और मेरी पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बातचीत करने का अवसर तलाश रही है। कुछ दिन पहले आपने मुझसे इस मामले पर बात की थी।''

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खरगे ने कहा, ''मैं आपको पहले ही बता चुका हूं, जैसा कि राज्यसभा में कांग्रेस संसदीय दल के मुख्य सचेतक जयराम रमेश ने भी कहा है कि कांग्रेस का विचार है कि सरकार को एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए, जहां सभी विपक्षी दलों के साथ इस तरह की रूपरेखा पर चर्चा की जा सके।'' कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में ऐसी सर्वदलीय बैठक जल्द से जल्द बुलाई जाएगी। यह संसदीय लोकतंत्र की सर्वोत्तम परंपराओं को ध्यान में रखते हुए होगी।'' सरकार संभवत: लोकसभा और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने की संभावना तलाश रही है। घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने बीते सप्ताह 'पीटीआई-भाषा' से कहा था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के लिए औपचारिक प्रस्ताव तैयार करने के वास्ते अब तक कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन संसद द्वारा 2023 में पारित कानून में संशोधन की संभावना तलाशने की योजना बनाई जा रही है।

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान संविधान में संशोधन करके लाया गया था, लेकिन यह परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावी होगा। यदि परिसीमन प्रक्रिया से पहले ही कानून को लागू करने का प्रस्ताव वास्तव में आता है, तो संविधान में एक और संशोधन की आवश्यकता होगी। नारी शक्ति वंदन विधेयक (106वां संविधान संशोधन) सितंबर 2023 में पारित किया गया, जो अब कानून बन चुका है। इसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत (एक-तिहाई) सीट आरक्षित करने का प्रावधान है। 

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