Edited By Mehak,Updated: 07 Feb, 2026 05:22 PM

पाकिस्तान में सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। 6 फरवरी 2026 को 24 कैरेट सोने की कीमत 44,000 रुपये प्रति ग्राम के पार और एक तोला सोना करीब 5.15 लाख रुपये तक पहुंच गया। 22 कैरेट सोना भी महंगा बना हुआ है। चांदी के दामों में भी तेज बढ़ोतरी...
नेशनल डेस्क : जिस सोने को कभी सुरक्षित भविष्य का सबसे भरोसेमंद सहारा माना जाता था, वही अब आम लोगों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। यह स्थिति सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी हालात तेजी से बदल रहे हैं। बढ़ती महंगाई, कमजोर पाकिस्तानी मुद्रा और वैश्विक बाजार के दबाव ने सोने-चांदी को जरूरी निवेश तो बना दिया है, लेकिन इन्हें खरीदना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया है।
पाकिस्तान में सोने के ताजा भाव (6 फरवरी 2026)
पाकिस्तान में 24 कैरेट सोने की कीमतें इस समय ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं।
- 24 कैरेट सोना : लगभग 44,219 से 45,011 पाकिस्तानी रुपये प्रति ग्राम
- 1 तोला (24 कैरेट) : करीब 5.15 लाख से 5.19 लाख रुपये
वहीं 22 कैरेट सोने की कीमतें भी काफी ऊंची बनी हुई हैं।
- 22 कैरेट सोना: करीब 40,534 से 41,257 रुपये प्रति ग्राम
कराची, लाहौर और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों में सोने के दाम लगभग एक जैसे हैं, यानी पूरे देश में कीमतों का दबाव समान रूप से देखने को मिल रहा है।
आम लोगों पर बढ़ता असर
इन आंकड़ों से साफ है कि पाकिस्तान में सोना अब सिर्फ गहनों या शौक की चीज नहीं रहा। मिडिल क्लास और कम आय वाले परिवारों के लिए सोना खरीदना लगातार कठिन होता जा रहा है। शादी-ब्याह और पारंपरिक जरूरतों के लिए लोग अब हल्के गहनों या पुराने सोने के एक्सचेंज का सहारा ले रहे हैं। बढ़ती महंगाई के बीच सोने की कीमतें घरेलू बजट पर भारी पड़ रही हैं।
चांदी भी है महंगी
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी के दामों में भी तेज बढ़ोतरी देखी जा रही है।
- चांदी (1 तोला): लगभग 12,024 रुपये
- चांदी (1 ग्राम): करीब 1,031 रुपये
- 10 ग्राम चांदी: लगभग 10,309 रुपये
पिछले एक साल में चांदी की कीमतों में भी लगातार इजाफा हुआ है, जिससे छोटे निवेशकों और कारीगरों पर असर पड़ा है।
कीमतें बढ़ने की बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान में सोने-चांदी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। सबसे अहम वजह है पाकिस्तानी रुपये की कमजोरी। डॉलर के मुकाबले रुपये के गिरने से आयातित सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं। इसके अलावा वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं की मजबूती और स्थानीय महंगाई भी कीमतों को ऊपर ले जा रही है।