Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Jan, 2026 10:35 AM

कनाडा में इस साल और अगले साल बड़ी संख्या में work permit धारकों का कानूनी दर्जा समाप्त होने की संभावना है, जिससे देश में अवैध अप्रवासियों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इनमें से करीब आधे भारतीय होंगे।
इंटरनेशनल डेस्क: कनाडा में इस साल और अगले साल बड़ी संख्या में work permit धारकों का कानूनी दर्जा समाप्त होने की संभावना है, जिससे देश में अवैध अप्रवासियों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हो सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इनमें से करीब आधे भारतीय होंगे।
इमीग्रेशन सलाहकार कंवर सेराह ने बताया कि आव्रजन, शरणार्थी और नागरिकता मंत्रालय (IRCC) के आंकड़ों के अनुसार 2025 के अंत तक लगभग 1,053,000 वर्क परमिट की अवधि समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा, 2026 में और 9,27,000 परमिट की वैधता समाप्त होने का अनुमान है।
सेराह के अनुसार, वर्क परमिट समाप्त होने पर धारक अपनी कानूनी स्थिति खो देते हैं, जब तक कि वे किसी अन्य वीज़ा के लिए आवेदन न करें या स्थायी निवासी न बन जाएं। हालांकि, कनाडा सरकार ने अस्थायी श्रमिकों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए नियम कड़े कर दिए हैं, जिससे वैकल्पिक रास्ते और भी सीमित हो गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में लोग अपने कानूनी दर्जे को खोने के खतरे में हैं। केवल 2026 की पहली तिमाही में लगभग 3,15,000 लोगों का कानूनी दर्जा समाप्त होने की संभावना है, जबकि 2025 की अंतिम तिमाही में 2,91,000 से अधिक लोगों का दर्जा समाप्त हो चुका है।
कंवर सेराह का अनुमान है कि मध्य 2026 तक कनाडा में लगभग 20 लाख लोग बिना कानूनी दर्जे के रह सकते हैं, और इनमें से करीब आधे भारतीय होंगे। इसके अलावा, हजारों स्टडी परमिट भी समाप्त होंगे और कई आवेदन खारिज किए जा सकते हैं।
सामाजिक स्तर पर भी इस समस्या का असर दिखने लगा है। टोरंटो और उसके आसपास के क्षेत्रों जैसे ब्रैम्पटन और कैलेडन में अवैध अप्रवासियों की संख्या बढ़ने से स्थानीय समाज में तनाव पैदा हो रहा है। कई इलाकों में जंगली तंबू बनाए गए हैं, जहाँ लोग रह रहे हैं। स्थानीय पत्रकार नितिन चोपड़ा ने इन शिविरों का दस्तावेजीकरण किया और बताया कि भारत से आए कुछ अप्रवासी नकद मजदूरी के लिए काम कर रहे हैं, जबकि कुछ दलाल अस्थायी विवाह कराने की कोशिश कर रहे हैं।