Karol Bagh Bus Accident : मां इंतजार करती रही, घर पहुंची बेटे की लाश: हादसे में बरेली के महेश ने गंवाई जान, अप्रैल में थी शादी

Edited By Updated: 26 Mar, 2026 03:41 AM

mahesh from bareilly loses life in karol bagh bus accident

दिल्ली में करोल बाग इलाके में मंगलवार देर रात एक बस के पलटने से जान गंवाने वाले दो लोगों में से एक की शादी 20 अप्रैल को थी जबकि दूसरे की पत्नी तीन महीने की गर्भवती है। करोल बाग में हनुमान मंदिर के पास आधी रात के बाद हुए इस हादसे में जान गंवाने वाले...

नेशनल डेस्कः दिल्ली में करोल बाग इलाके में मंगलवार देर रात एक बस के पलटने से जान गंवाने वाले दो लोगों में से एक की शादी 20 अप्रैल को थी जबकि दूसरे की पत्नी तीन महीने की गर्भवती है। करोल बाग में हनुमान मंदिर के पास आधी रात के बाद हुए इस हादसे में जान गंवाने वाले दो लोगों में 22 वर्षीय लॉजिस्टिक्स कर्मी महेश भी शामिल थे। उनकी शादी 20 अप्रैल को होने वाली थी। हादसे में जान गंवाने वाले दूसरे शख्स 30 वर्षीय शहबाज आलम हैं, जो अपने रिश्ते के भाई के साथ ईद मनाकर जयपुर से लौट रहे थे। 

आलम उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले थे और उनकी पत्नी तीन महीने की गर्भवती है। पुलिस ने बताया कि मंगलवार देर रात जयपुर से दिल्ली आ रही एक स्लीपर बस कथित तौर पर करीब 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलाई जा रही थी और यह यहां मंदिर के पास एक गोलचक्कर पर अनियंत्रित हो कर पलट गई। इस हादसे में दो मौतों के अलावा 23 अन्य लोग घायल हो गए। बस में करीब 30 यात्री सवार थे। महेश की मां ने रोते हुए 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "मैया (मां) इंतज़ार कर रही थी, बेटा सुबह आ जाएगा।" 

महेश अपने परिवार में सबसे छोटे थे। बरेली के मूल निवासी महेश अपने 30 वर्षीय भाई मुकेश के साथ हरियाणा के बिलासपुर से बस में सवार हुए थे, जहां वे दोनों काम करते थे। मुकेश के कपड़ों पर लगे खून के धब्बे हादसे की भयावहता की गवाही दे रहे थे। मुकेश ने मीडिया को बताया, "हमने चालक को कई बार गाड़ी को धीमा चलने के लिए कहा, लेकिन उसने हमारी विनती पर कोई ध्यान नहीं दिया। वह नशे में भी था। रात करीब 11.30 बजे, उसने एक भोजनालय के पास बस रोकी और हमें फ्रेश होने और खाना खाने के लिए कहा। बस आधे घंटे के लिए वहां रुकी थी।" 

मुकेश ने दावा किया कि हालांकि, बस लगभग एक घंटे तक वहां खड़ी रही, जिस दौरान चालक ने शराब पी। उसने यह भी आरोप लगाया कि बस में कोई आपातकालीन निकास नहीं था। क्षतिग्रस्त वाहन से रेंगकर बाहर निकलने में सफल रहे मुकेश ने बताया, "मेरा भाई कई अन्य लोगों के साथ बस के नीचे फंसा हुआ था। वहां एक महिला भी थी जिसके सिर्फ पैर दिख रहे थे और बाकी शरीर नीचे दबा हुआ था। मैंने लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की और फिर अपने भाई को एम्बुलेंस से अस्पताल ले गया।" हालांकि, पुलिस ने एमएलसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए चालक के नशे में होने से इनकार किया है। 

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वहां एक आपातकालीन निकास था, लेकिन दरवाजे जाम हो गए थे। वे यह देखने के लिए वाहन का यांत्रिक निरीक्षण करेंगे कि क्या बस में कोई यांत्रिक खराबी थी। बिजनौर में कपड़ों का व्यापार करने वाले आलम अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, करीब 70 वर्षीय पिता, एक छोटा भाई और दिल्ली के जामिया नगर में रहने वाली एक शादीशुदा बहन है। उनकी शादी एक साल पहले हुई थी और उनकी पत्नी तीन महीने की गर्भवती है। आलम के बहनोई ज़हीन ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि वह अपने रिश्ते के भाई के साथ ईद मनाने जयपुर गए थे और दिल्ली आने के लिए शाम करीब पांच बजे बस में सवार हुए थे। 

उन्होंने कहा, "वे बिजनौर लौटने के लिए पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जा रहे थे। यह चालक की घोर लापरवाही है। अगर बस जिम्मेदारी से चलाई जाती तो हम उसे नहीं खोते।" पुलिस ने बताया कि राजस्थान के अलवर निवासी 26 वर्षीय बस चालक पंकज कुमार को हिरासत में ले लिया गया है और वर्तमान में लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज हो रहा है। आलम के एक अन्य रिश्तेदार फहीम ने आरोप लगाया कि चालक पूरी यात्रा के दौरान जल्दबाजी में था। 

फहीम ने कहा, "एक जगह जब इन भाइयों में से एक नीचे उतरा, तो चालक दूसरे का इंतजार किए बिना ही बस लेकर चल दिया। उसने बस रोकने से इनकार कर दिया और कहा कि उसे चक्कर जल्दी पूरा करना है। उसकी जल्दबाजी हमारे परिवार को बहुत भारी पड़ी है।" बस में अपने चार साल के बेटे के साथ सवार अनामिका शुक्ला और उनकी रिश्तेदार आकृति दुबे भी घायल हुईं। आकृति के कूल्हे में फ्रैक्चर हुआ है और उनका आरएमएल अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि अनामिका के बच्चे और दुबे को मामूली चोटें आई हैं। अनामिका के पति शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही वह अस्पताल पहुंचे। 

उन्होंने कहा, "मैं दिल्ली में था जबकि वह किसी निजी काम से जयपुर गई थी। यह एक गंभीर घटना है। चालक को सजा मिलनी चाहिए ताकि किसी और परिवार को इस दौर से न गुजरना पड़े।" एक यात्री ने बताया कि उनमें से कुछ लोग अजमेर में जियारत से लौट रहे थे, जबकि अन्य जयपुर की यात्रा से वापस आ रहे थे या काम के सिलसिले में या रिश्तेदारों से मिलने दिल्ली आ रहे थे। एक अन्य महिला यात्री के चेहरे पर चोटें आई हैं, जबकि उनके 65 वर्षीय ससुर की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। 

उन्होंने आरोप लगाया कि चालक तेज गति से गाड़ी चला रहा था और बस की हालत भी ठीक नहीं थी। उन्होंने बताया, "जब हम दिल्ली के करीब थे, तो हम एक ढाबे पर रुके जहां बस खराब हो गई थी। उसके बाद वह रुक-रुक कर चलती रही। जब हम एक गोलचक्कर पर पहुंचे, तो चालक ने बहुत तेजी से गाड़ी को मोड़ा और तभी बस पलट गई।" महिला ने बताया कि घायलों में करीब चार . पांच बच्चे भी हैं, जिनमें से एक के सिर में चोट लगी है और उसकी हालत नाजुक है। 

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