Edited By Rohini Oberoi,Updated: 14 Jul, 2026 09:44 AM

केरल पुलिस ने नकली मैराथन पंजीकरण धोखाधड़ी के खिलाफ लोगों को चेतावनी जारी की है। ये स्कैम धोखाधड़ी वाली वेबसाइटों और इंस्टाग्राम पेजों के ज़रिए किए जा रहे हैं जिनमें एक बड़े बैंक के नाम का गलत इस्तेमाल करके लोगों को कार्यक्रम में पंजीकरण के बहाने ठगा...
Fake Marathon Registration Scam : केरल पुलिस ने नकली मैराथन पंजीकरण धोखाधड़ी के खिलाफ लोगों को चेतावनी जारी की है। ये स्कैम धोखाधड़ी वाली वेबसाइटों और इंस्टाग्राम पेजों के ज़रिए किए जा रहे हैं जिनमें एक बड़े बैंक के नाम का गलत इस्तेमाल करके लोगों को कार्यक्रम में पंजीकरण के बहाने ठगा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक धोखेबाज़ 'मरीन ड्राइव मैराथन कोच्चि 2026' नाम के एक नकली कार्यक्रम के विज्ञापन बड़े पैमाने पर फैला रहे हैं। वे लोगों को भारी इनामी राशि, स्पॉन्सरशिप के मौके और मुफ्त सुविधाओं जैसे आकर्षक ऑफर देकर लुभा रहे हैं।
यह स्कैम तब शुरू होता है जब संभावित प्रतिभागियों को 698 रुपये का पंजीकरण शुल्क देकर कार्यक्रम के लिए पंजीकरण करने के लिए मनाया जाता है। लोगों का भरोसा जीतने के लिए धोखेबाज़ ऐसी नकली वेबसाइटें और प्रोफेशनल तरीके से डिज़ाइन किए गए प्रमोशनल पोस्टर बनाते हैं जो असली ‘मैराथन इवेंट' जैसे ही लगते हैं। एक बार रजिस्ट्रेशन फीस जमा हो जाने के बाद प्रतिभागियों को मैसेज मिलते हैं जिनमें दावा किया जाता है कि खराब मौसम या किसी और अप्रत्याशित वजह से मैराथन को टाल दिया गया है।
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उन्हें बताया जाता है कि नई तारीख का ऐलान बाद में किया जाएगा जिससे वे लोगों को गुमराह करते हैं और धोखेबाज़ पैसे अपने पास रख लेते हैं। केरल पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने से बचने की अपील की है। सोशल मीडिया पर प्रचारित किसी भी इवेंट के लिए रजिस्ट्रेशन करने से पहले लोगों को संबंधित अधिकारियों से उसकी सच्चाई की जांच कर लेनी चाहिए।
उन्हें इवेंट की आधिकारिक वेबसाइट को ध्यान से देखना चाहिए आयोजकों की पहचान की पुष्टि करनी चाहिए और यह पक्का करना चाहिए कि पेमेंट करने से पहले इवेंट को ज़रूरी सरकारी मंज़ूरी मिल गई है। पुलिस ने लोगों को यह भी चेतावनी दी है कि वे सिफऱ् इसलिए पैसे ट्रांसफर न करें क्योंकि रजिस्ट्रेशन की रकम कम है।
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लोगों को यह सलाह भी दी गई है कि वे नामी संस्थानों या संगठनों के नाम पर फैलाई जा रही संदिग्ध वेबसाइटों, पेमेंट लिंक और फर्ज़ी विज्ञापनों से सावधान रहें और ऐसे बिना जांचे-परखे प्लेटफॉर्म पर कोई लेन-देन या पेमेंट न करें। पुलिस ने कहा कि साइबर-आधारित वित्तीय धोखाधड़ी होने पर पीड़ितों को तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोटर्ल के ज़रिए शिकायत दर्ज करके घटना की सूचना देनी चाहिए।